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जिस ब्लॉक से श्रमिक की हुई मौत, उसी को हटाने बिना सुरक्षा लगा दिया तीन को

मजदूरों की मौत का कारण बन रहा ग्रेनाइट उद्योग
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Death of worker in granite

Granite induratrious are not aware for safety of workers

फैक्ट फाइल
800 के लगभग ग्रेनाइट इकाइयां
50 हजार से अधिक श्रमिक ग्रेनाइट और माइनिंग में बाहरी
1200 करोड़ का फिनिश गुड्स कारोबार सालाना
100 करोड़ का फिनिश गुड्स तैयार होता है प्रतिमाह
जालोर. अपनी चमक से देश ही नहीं विदेश में खास पहचान बना चुका जालोर का ग्रेनाइट उद्योग हर दूसरे माह यहां काम करने वाले मजदूरों की मौत का कारण बन रहा है। करोड़ों रुपए की आय अर्जित करने वाले उद्यमी श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति बिल्कुल भी सजग नहीं है। यही कारण है लगातार हादसों की पुनरावृत्ति हो रही है। जबकि खास बात यह है कि ग्रेनाइट इकाइयों में मुख्य रूप से बेतरतीब और खतरनाक तरीके से बिना सुरक्षा के रखे गए ग्रेनाइट के बड़े ब्लॉक इन हादसों के कारण बन रहे हैँ। पत्रिका ने रविवार को जालोर की जागनाथ स्टोन इंडस्ट्रीज में हुए हादसे में श्रमिक की मौत के बाद थर्ड फेज में हालातों को जाना तो यहां बहुत सी कमियां नजर आई और लापरवाही के संकेत भी मिले, जो हादसे की पुनरावृत्ति का कारण बन रहे हैं। ये हालात लगभग सभी ग्रेनाइट इकाइयों में देखने को मिली।
बिना सुरक्षा रखे बड़े ब्लॉक
इस इकाई के अलावा तृतीय चरण ही नहीं इस पूरे उद्योग में प्रत्येक इकाई में इसी तरह से लापरवाही बरती जा रही थी। बेतरतीब तरीके से ग्रेनाइट ब्लॉक एक के ऊपर एक रखे हुए थे। जबकि रविवार के हादसे के बाद यह साफ हो गया कि इस तरह से रखे पत्थर हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन अब तक इस मामले में किसी का ध्यान नहीं जा रहा।
हाल ही के कुछ मामले जिन में गई श्रमिकों की जान
10 मई 2017 में ही थर्ड फेज स्थित राधारमण ग्रेनाइट इकाई में ब्लॉक के नीचे से दबने से एक श्रमिक की मौत हो गई थी।
12 नवंबर 2017 को बिशनगढ़ रोड स्थित श्रीराम ग्रेनाइट में दीवार गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई थी, जबकि 5 जने गंभीर घायल हो गए थे।
14 दिसंबर 2017 को ममता ग्रेनाइट में ग्रेनाइट ब्लॉक गिरने से श्रमिक की दबने से मौत हो गई थी।
हालात...
करोड़ों रुपए का व्यापार करने वाले ग्रेनाइट उद्यमी श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह, हर दो माह में किसी न किसी ग्रेनाइट इकाई या माइंस में होती है श्रमिक की मौत
कारण...
मामले में मुख्य रूप से पुलिस और प्रशासन की ढिलाई बरती जा रही है, मर्ग दर्ज कर मामले की इतिश्री की जा रही है, जबकि उद्यमियों की ओर से बरती जा रही लापरवाही इन हादसों का मुख्य कारण कारण
जहां हादसा वहीं बरती जा रही थी लापरवाही
जागनाथ स्टोन इंडस्ट्रीज में रविवार को बारिश के दौरान एक ग्रेनाइट का भारी भरकम ब्लॉक खिसक गया था। जो पास बने एक स्टोर पर गिर गया था और उसके नीचे दबने से श्रमिक की मौत हो गई थी और दूसरा घायल हो गया था। दो दिन बार मंगलवार को मौके पर वह ब्लॉक पड़ा हुआ था और सवेरे 11.20 बजे तीन श्रमिक उस पर चढ़कर उसको तोडऩे का प्रयास कर रहे थे। खास बात यह है कि यही ब्लॉक खिसक गया था और फिर से इसी ब्लॉक को तोडऩे के लिए ब्लॉक पर चढ़कर काम कर रहे थे, लेकिन इस तरफ इकाई संचालक का ध्यान तक नहीं गया।
इनका कहना
मेरी यूनिट में सुरक्षा के माकूल इंतजाम है। यह एक हादसा था, जिसे कोई रोक नहीं सकता। ब्लॉक को हटाने के लिए श्रमिकों को लगाया था।
- जसराज, इकाई संचालक, जालोर