विभाग उदासीन, लीज की आड़ में मनमर्जी से हो रहा खनन

विभाग उदासीन, लीज की आड़ में मनमर्जी से हो रहा खनन
Illegal Mining of sand in Jalore district

Dharmendra Ramawat | Updated: 07 Aug 2018, 10:44:14 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

उदासीनता: खनन व राजस्व विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

भीनमाल. खनन विभाग व राजस्व विभाग की उदासीनता के चलते क्षेत्र के भीनमाल व रानीवाड़ा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में लोग धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे है। इतना ही नहीं लीज की आड़ में मनमर्र्जी से पहाड़ी क्षेत्र में खनन कर रहे है। खनन से आए दिन होने वाले ब्लास्ट से आस-पास के लोगों के साथ वन्य जीवों के प्राणों पर संकट खड़ा हो रहा है। इतना कुछ होने के बाद भी खनन विभाग व राजस्व विभाग लीज धारकों की खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रहा है। रोजाना 100 ट्रेक्टर-ट्रोली खनन कर चांदी काट रहे है। पहाड़ी क्षेत्र में खनन माफिया लीज क्षेत्र से बाहर मनमर्जी से खनन कर पहाड़ों को चीर रहे है। पहाड़ों के बीचों-बीच 50-100 फीट गहरे गड्ढे हो गए है। हैरानी की बात तो यह है कि रानीवाड़ा वन क्षेत्र में लोग बेखौफ होकर अवैध खनन कर रहे है। इतना हीं नहीं वन विभाग की भूमि में अवैध खनन चल रहा है। इस पहाड़ी क्षेत्र से पिछले कई सालों से लगातार अवैध खनन हो रहा है। हालांकि यह वन विभाग का क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां पर धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। अवैध खनन माफिया यहां से अवैध खनन कर चांदी काट रहे है। खनन माफियों के ऊंचे रसूखात के आगे किसी की भी सरकार हो, उनके सेहत के ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता है। वन विभाग केे अधिकारी खनन माफियों पर शिकंजा कसने से डरते हंै।
एक भी खान पर बोर्ड नहीं
भीनमाल क्षेत्र में कोटकास्तान, नासोली व भादरड़ा, रानीवाड़ा क्षेत्र में बरैठा, करड़ा, चांटवाड़ा, तावीदर, कुड़ा, पाल, गोलवाड़ा, झारड़ा खुर्द में दर्जनों लोगों को खान विभाग विभाग की ओर से लीज का आवंटन हो रखा है, लेकिन यह लोग खुद की लीज में खनन नहीं कर वन विभाग के क्षेत्र से खनन कर रहे है। खनन माफियों के मुताबिक खुद की लीज से कभी भी खनन कर सकते है, वन क्षेत्र में खनन करने का अभी मौका आया हुआ है। इन स्थानों पर एक भी खान पर बोर्ड नहीं लगा हुआ है। लीज के चारों तरफ पीलर होने चाहिए, लेकिन पीलर भी नहीं है। लीज धारक खान विभाग के नियमों का खुल्लम-खुला उल्लंघन कर रहे है, फिर खनन विभाग के अधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे है।
पहाड़ो से गायब हो रही है हरियाळी
अवैध खनन से पहाड़ी क्षेत्र तहस-नहस हो रहा है। पहाड़ों पर अवैध खनन से 50-60 फीड़ तक के गहरे गड्ढे पड़े हुए है। अवैध खनन से पहाड़ों से हरियाली व पेड़ भी उजड़ रहे है। अवैध खनन से पर्यावरण को भी खासा नुकसान हो रहा है। हरियाली से आच्छादित रहने वाले पहाड़ नंगे हो गए है। ऐसे में मवेशी पालकों के सामने भी मवेशियों के विचरण की समस्या खड़ी हो रही है।

सरकारी निर्माण कार्य में पत्थरों का उपयोग
जसवंतपुरा. उपखंड क्षेत्र में खनिज विभाग और प्रशासन की अनदेखी से अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। विभाग की ओर से इस मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है।हालात यह है कि अवैध रूप से पत्थरों का खनन करने के बाद इन पत्थरों का सरकारी कार्यों में उपयोग भी हो रहा है। राजीकावास कस्बे में वन विभाग व राजस्व विभाग की भूमि पर पत्थरों के लिए अवैध खनन हो रहा है। मनोहरसिंह पूरण ने बताया कि सुन्धामाता, राजपुरा सड़क मार्ग के पास बन रहे पुलिये में भी वन विभाग व राजस्व जमीन के पत्थरों का उपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राजीकावास क्षेत्र से पत्थर निकाल कर राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वन विभाग की नाक के नीचे विभिन्न निर्माण कार्य में भी इनका उपयोग किया जा रहा है। सुन्धामाता, राजपुरा, राजीकावास के आस पास नदियों के बहाव क्षेत्रों से पत्थर व बजरी का कारोबार चल रहा है। यही नहीं खनन माफिया अपने स्तर पर ही रॉयल्टी भी चला रहे हैं। मामले में खनिज अभियंता जालेार का कहना है कि अवैध पत्थर और बजरी के अवैध खनन के मामले में जानकारी लेेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण कर कार्यवाही करेंगे
खनिज विभाग की ओर से लीज क्षेत्रों का निरीक्षण करवाया जाएगा। अगर लीज धारक लीज क्षेत्र से बाहर खनन कर रहा है, तो उनके खिलाफ कार्र्यवाही करेंगे।
- पुष्पेन्द्रसिंह, एमई, खनिज विभाग-जालोर

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