
Rajasthan News: प्रतियोगी परीक्षाओं समेत अन्य कंपीटिशन एग्जाम में फर्जीवाड़ा कर चयनित होने की प्रक्रिया में शामिल होने वाले 419 अभ्यर्थियों को डिबार करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस संबंध में 20 सितंबर को पुलिस मुख्यालय जयपुर से एक पत्र जारी किया गया है। प्रदेश के तमाम पुलिस अधीक्षक को भेजे गए गए पत्र में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के दौरान अनुचित कृत्य करने पर उन्हें डिबार किए जाने की सूचना भेजी गई है। उप महा निरीक्षक पुलिस अनिल कयाल ने जारी पत्र में लिखा है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग एवं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों द्वारा कूटरचित दस्तावेज, फर्जी, जाली दस्तावेज और प्रक्रिया अपनाकर परीक्षा में सम्मलित हुए प्रदेश के 419 अभ्यर्थियों को डिबार किया गया है। ऐसे में कांस्टेबल भर्ती एवं आगामी समय में की जाने वाली भर्तियों में इस बात को विशेष ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया है कि किसी डिबार अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाए।
जारी की गई सूची में नामों का उल्लेख है, जिसमें सांचौर के कई नाम शामिल है। हालांकि इस सूची में जालोर और सांचौर जिले का आंकड़ा कितना यह स्पष्ट नहीं है। इसके संबंध में पुलिस विभाग के स्तर पर भी जांच की जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षा हो या अन्य कोई भी परीक्षा नकल के हर मामले में मुख्य रूप से सांचौर जिले की भूमिका रहती है। पिछले एक दशक की बात करें तो प्रतियोगी परीक्षा के दौरान पेपर आउट करने के मामले, नकल करवाने के मामले, डमी कैंडिडेट बिठाने के मामले में सांचौर की अहम भूमिका रही है।
विभिन्न भर्तियों में अभ्यर्थियों द्वारा कूटरचित और फर्जी खेल प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत किया गया। ऐसे में कुल 46 अभ्यर्थी है। जिसके तहत बोर्ड कमेटी द्वारा इन सभी अभ्यर्थियों को आजीवन डिबार किए जाने की अनुशंषा की गई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित कृत्य करने वाले अभ्यर्थियों की जारी सूची में आंबा का गोलिया (झाब) निवासी जैसाराम, करड़ा निवासी अशोक कुमार, फागोतरा (भीनमाल) निवासी ठाकराराम, आकोली (चितलवाना) निवासी महेंद्र कुमार के नाम शामिल है। इसमें जैसाराम, ठाकराराम को आजीवन डिबार करने, महेंद्र को पांच साल के लिए डिबार किया गया है।
Published on:
25 Sept 2024 11:31 am
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