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बागोड़ा। बागोड़ा की गलियों में सन्नाटा छाया था। जहां कभी हर सुख-दुख में आगे रहने वाले समाजसेवी मेसाराम देवासी की मौजूदगी लोगों को हौसला देती थी, वहीं अब उनकी यादें हर चेहरे पर छलक रही हैं। बालोतरा के पास दो दिन पूर्व हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मेसाराम देवासी की मौत की खबर से गांव शोक में डूब गया है।
जानकारी के अनुसार मेसाराम देवासी अपने पांच साथियों के साथ जसोल स्थित राणी भटियाणी माता मंदिर के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले थे। उनके साथ साले सकाराम, मित्र झालाराम मेघवाल, एडवोकेट नेम गिरी, लीलाराम और किशनाराम भी थे।
यात्रा के दौरान मेसाराम, सकाराम और झालाराम आगे पैदल चल रहे थे। उनके पीछे सामान से भरी बोलेरो कैंपर चल रही थी, जिसमें लीलाराम व किशनाराम सवार थे, जबकि एडवोकेट नेम गिरी मोबाइल पर बात करते हुए थोड़ा आगे निकल गए थे।
पीछे से आए एक तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने पहले सामान से भरी बोलेरो कैंपर को टक्कर मारी। अनियंत्रित ट्रक तीनों पैदल यात्रियों को भी चपेट में ले गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक बोलेरो और यात्रियों को करीब सौ मीटर तक घसीटता हुआ ले गया और अंत में सड़क किनारे बैरिकेड से टकराकर रुका।
इस दर्दनाक हादसे में समाजसेवी व कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मेसाराम देवासी, सकाराम और झालाराम मेघवाल की मौके पर ही मौत हो गई। जत्थे में शामिल लीलाराम, किशनाराम और एडवोकेट नेम गिरी घायल हो गए। घायलों को बालोतरा जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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अल सुबह जैसे ही मेसाराम देवासी का पार्थिव शरीर बागोड़ा पहुंचा, घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। जनभावनाओं को देखते हुए मुख्य बाजार दोपहर तक बंद रहा। समाजसेवी मेसाराम देवासी की अंतिम यात्रा में हजारों ग्रामीण शामिल हुए। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर अंतिम यात्रा में सहभागिता निभाई। इसके बाद मृतकों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
Updated on:
27 Jan 2026 07:11 pm
Published on:
27 Jan 2026 07:09 pm
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