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सीढ़ी टांग दी खूंटी पर, फिल्टर कर दिया बंद

सालभर में ही बदहाल हो गया जलगृह
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Jal grah

Jal grah at Jalore Mother and child care center

जालोर. लाखों की लागत से बनाई सुविधाएं देखरेख के अभाव में बदहाल हो रही है। लोग इनका पूरी तरह से उपभोग तक नहीं कर पा रहे। जिला मुख्यालय पर मातृ-शिशु कल्याण केंद्र (एमसीएच) परिसर में बने जलगृह की यही स्थिति है। यह दिलचस्प है कि इसका उद्घाटन सालभर पहले ही हुआ है। नलों के आसपास गंदगी व काई जमी पड़ी है, जिसे साफ करने की किसी को फुर्सत नहीं।जल निकासी के पाइप टूट चुके हैं, जिससे पानी मार्ग में बिखर रहा है। भूमिगत टैंक की सफाई के लिए रखी सीढ़ी तक किसी ने निकाल कर खूंटी टांग दी।वाटर कूलर से फिल्टर के लिए मशीन भी लगा रखी है, लेकिन फिल्टर को लग कर चुके हैं।पानी सीधा ही ऊपरी टैंक में तथा नलों से हलक तक पहुंच रहा है। जिम्मेदारों की अनदेखी में यह जलगृहकाफी समय से बदहाल पड़ा है। इससे दानदाता क्षुब्ध है तथा प्रोत्साहन नहीं मिल रहा।
आवाला सफाई की फुर्सत नहीं
जलगृह से निकलने वाला व्यर्थ पानी का समुचित उपयोग करने के लिए पास ही आवाला बनाया गया। वेस्ट पानी पहुंचाने के लिए पाइप लगाए गए, लेकिन इन पाइप्स को कोई तोड़ चुका है।अब न केवल पानी मार्ग में बिखरा रहता है वरन् आवाला भी खाली है।अस्पताल प्रशासन इसकी सफाई करने या पाइप को वापस जोडऩे पर ध्यान नहीं दे रहा।
सार्थक साबित नहीं हो रहा उद्देश्य
जिला अस्पताल से सेवानिवृत्त स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्यारी शर्मा की ओर से सालभर पहले ही भीनमाल रोड पर स्थिति मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र के कॉर्नर पर जल गृह बनवाया गया था। इसे बनाने का उनका उद्देश्य यह था कि इससे यह जलगृह मरीजों के साथ ही मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों व राहगीरों के भी काम आ सकेगा, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से इसकी समुचित देखरेख नहीं की जा रही है। इससे कुछ समय से बदहाल हो रहा है।