
पीएम फसल बीमा योजना में बिना कारण बीमा पॉलिसी निरस्त, पत्रिका फोटो
जालोर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में बीमा कम्पनी के द्वारा पिछले तीन साल से लगातार किसानों के साथ मनमाने व्यवहार करने से किसान परेशान है। परेशान किसानों की ओर से 27 अक्टूबर को चितलवाना उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों ने बताया कि बीमा कम्पनी के द्वारा उनसे बीमा प्रिमियम तो ले लिया जाता है लेकिन बीमा क्लेम के समय किसानों की बीमा पॉलिसियों को निरस्त कर दिया जाता है।
जिसके चलते किसान बीमा क्लेम से वंचित रह जाते है। किसानों के खेतों में खराब हुई फसलों के बीमा क्लेम का इंतजार कर रहे है। लेकिन जिस फसल में खराबा सुनिश्चित होगा उन्हीं फसलों की बीमा पॉलिसियों को बीमा कम्पनी के द्वारा निरस्त कर दिया जाएगा। वहीं जिस फसल में खराबा सुनिश्चित नहीं होगा उसी फसल की बीमा पॉलिसियों को अप्रूवल कर देने से किसान बीमा क्लेम से वंचित रह जाते हैं। जालोर जिले में एक लाख 17 हजार किसानों के द्वारा 5 लाख 65 हजार बीमा पॉलिसियों से बीमा कम्पनी में 20 करोड़ का बीमा प्रिमियम कटवाया गया है। लेकिन 70 दिन बाद भी बीमा पॉलिसियों का सत्यापन नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बीमा पॉलिसियों को लेकर के मार्गदर्शिका के तहत किसानों के द्वारा बीमा पॉलिसियों का बीमा प्रिमियम कटवाया जाता है जो किसानों के द्वारा बीमा प्रीमियम जमा करवाया जाता। उस दौरान बीमा कम्पनी के द्वारा 30 दिन के भीतर किसानों की बीमा पॉलिसियों को या तो सत्यापन कर अपूवल करना होता है या फिर बीमा पॉलिसियो में सत्यापन कर कारण बताकर निरस्त करना होता है। लेकिन बीमा कम्पनी के द्वारा 70 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों की बीमा पॉलिसियों को लटका कर रखा है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पिछले तीन साल से बीमा कम्पनी के द्वारा जिले में किसानों के साथ मनमाना व्यवहार करने से परेशान किसान कई बार प्रदर्शन कर चुके है। परेशान किसान व संगठनों के द्वारा बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करने के साथ ही धरना व प्रदर्शन भी किया गया। लेकिन किसानों को राहत नहीं मिली।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की बीमा बीमा कम्पनी के द्वारा मनमानी करते हुए 70 दिन बाद किसानों की बीमा पॉलिसियों को बिना कोई कारण बताए निरस्त कर दिया गया है। रतनपुरा निवासी आसुराम माली ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उसके खातेदारी खेत चितलवाना व शिवपुरा में मूंगफली की खेती की थी। उसने सीएससी धारक के पास से बीमा पॉलिसी को लेकर के बीमा प्रिमियम कटवाया था। लेकिन बीमा कम्पनी के द्वारा 70 दिन बाद उसकी बीमा पॉलिसी को बिना कोई कारण बताए पॉलिसी को निरस्त कर दिया गया है। बीमा कम्पनी के जिला प्रबंधक से बीमा पॉलिसियों के बारे में जानकारी लेने के लिए कई बार सम्पर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन बीमा कम्पनी के जिला प्रतिनिधि द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कम्पनी के द्वारा पिछले तीन साल से किसानों के साथ मनमान तरीका अपनाया जा रहा है। किसानों की बीमा पॉलिसियों को बिना कोई कारण बताए निरस्त किया जा रहा है। इसको लेकर कई बार बीमा कम्पनी व प्रशासन को भी अवगत करवाया गया है। लेकिन किसानों के प्रति कोई संवेदनशीलत नहीं दिखा रहा है। बीमा कंपनी के जिल कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया जा रह है। बार-बार आंदोलन व धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन प्रशासन द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया बीमा कंपनी की मनमानी को लेकर किसानों के द्वारा चितलवाना उपखंड मुख्यालय पर 27 अक्टूबर को महापड़ाव व आंदोलन करेंगे। सुरेश खिलेरी, सचिव, संयुक्त किसान मोर्चा
Updated on:
26 Oct 2025 03:34 pm
Published on:
26 Oct 2025 03:34 pm
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