मुख्यमंत्री को किसानों से किए वादे को याद दिलवाने के लिए किसान सम्मेलन

मुख्यमंत्री को किसानों से किए वादे को याद दिलवाने के लिए किसान सम्मेलन
मुख्यमंत्री को किसानों से किए वादे को याद दिलवाने के लिए किसान सम्मेलन

Dharmendra Ramawat | Updated: 29 Aug 2018, 10:49:44 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

सरकार पर किसान हित के वादों को पूरा नहीं करने का आरोप

भीनमाल. किसान नेता विक्रमसिंह पूनासा ने कहा कि सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। चुनावों के समय किसान हित के वादे किए जाते है, लेकिन बाद भी इन वादों को भूला दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि पांच साल पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने सुराज संकल्प यात्रा के दौरान रामसीन रोड पर 20 हजारों किसानों से जालोर जिले को डार्कजोन से मुक्त करने व माही बजाज सागर परियोजना को लागू करने का वादा किया, लेकिन पांच साल गुजरने के बाद भी यह दावे पर कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को गौरव यात्रा के जिले में आगमन के दौरान किसान मुख्यमंत्री को पांच साल पूर्व किए वादे को याद दिलवाया जाएंगा। वे मंगलवार को शहर के खेतावत सेवा सदन में किसान सम्मलेन को लेेकर पत्रकारों से बात कर रहे रहे थे। उन्होंने कहा कि जो सरकार किसान हितों की बात करेगा, उन्हें ही देश में राज करने का हक है। किसानों के खून-पसीना एक कर देश के लिए अन्न तैयार करता है, वह देश के लोगों का पेट पालता है, लेकिन उन्हें भी अपने हकों के लिए याचना करनी पड़ रही है। यह देश के लोकतांत्रिक देश की विड़ंबना है। उन्होंने कहा कि जालोर जिले में दिनों-दिन भूजल स्तर रसातल में पहुंच रहा है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी का प्रबंधन सरकार के पास नहीं है। ऐसे में आने वाले समय में खेती-बाड़ी तबाह हो जाएगी। किसान रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि माही-बजाज परियोजना से ही जालोर, सिरोही व बाड़मेर जिले की कायाकल्प हो सकेगी। इतनी महत्ती परियोजना होने के बाद भी सरकार इसको ठण्डे बस्ते में डाला है। उन्होंने कहा कि किसानों की नहीं सुनने पर आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी जनप्रतिनिधियों को गांव में प्रचार-प्रसार के लिए घुसने नहीं दिया जाएंगा। एक सवाल के जवाब में बताया कि समिति किसानों के हित का गैर राजनैतिक संगठन है। समिति के सह संयोजक सुरेश व्यास ने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री व मंत्रियों के सामने बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते है। ऐसे में क्षेत्र का विकास कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान किसान संघर्र्ष समिति माही-बजाज परियोजना को लागू करन वाने के लिए यहां से दिल्ली तक कई बार चक्कर कांटे है। इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अधिक से अधिक किसानों के भाग लेने के लिए तहसील अध्यक्ष व वार्ड अध्यक्षों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। सम्मेलन में 20 हजार के करीब किसान भाग लेंगे। समिति के सदस्य पुखराज विश्नोई ने कहा कि सरकार को जिले को जल्दी से जल्दी अकालग्रस्त घोषित करना चाहिए। हरिराम विश्नोई ने कहा कि 2017 में बाढ़ से हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।

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