बेवसाइट पर एसपी को छोड़, पूरा पुलिस महकमा पुराना

डिजीटल : तबादलों के बाद भी वेबसाइट पर बने हुए है जिले के अधिकारी

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 16 Sep 2018, 11:31 AM IST

गोविंदसिंह जैतावत
भीनमाल. केंद्र व राज्य सरकार भले ही डिजिटल इंडिया के सपने देख रही है, लेकिन सरकारी महकमे ही उनके सपनों को धूमिल कर रहे हंै। जालोर के जिला प्रशासन का सरकार के पेपरलेस व डिजीटलाइजेशन के नारे से कोई लेना-देना नहीं है।
जिले का आईटी विभाग पिछले तीन माह से जिला प्रशासन की वेबसाइट को अपडेट करना ही भूल गया। जिला प्रशासन की वेबसाइट - www.jalore.rajasthan.gov.in/ पर कई अधिकारियों के तबादले होने के बावजूद भी वे जिले के अधिकारी बने हुए है। वेबसाइट आज भी उनको अफसर बता रही है। आम लोग जब वेबसाइट पर दर्शाए अधिकारियों को फोन मिला रहे है, तो उनको जवाब मिलता है कि उनका तबादला कई माह पहले जालोर से हो गया है। ऐसे में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को संबंधित अधिकारी से सूचना नहीं मिल पा रही है। लेकिन तीन माह गुजर जाने के बाद भी आई विभाग का इस ओर ध्यान नहीं गया है।
पुलिस अधीक्षक को छोड़कर बाकी सभी अधिकारियों के हो चुके है तबादले
जिला प्रशासन की वेबसाइट पर पुलिस विभाग के अधिकारियों के जो नंबर व नाम दर्शाए जा रहे है, उनमें से केवल पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा को छोड़कर सभी अधिकारियों के तबादले हो चुके है। वेबसाइट पर तबादले के बावजूद पीडी धानिया को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जालोर, जसाराम बोस को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सांचौर, दुर्गसिंह राजपुरोहित को पुलिस उपधीक्षक जालोर, धीमाराम विश्नोई को पुलिस उपअधीक्षक भीनमाल व हीरालाल रजक को पुलिस उपअधीक्षक रानीवाड़ा बताया जा रहा है। इसके अलावा नरेश बुनकर को एडीएम जालोर, राजेन्द्रसिंह डागा को एसडीएम सायला, मुरारीलाल शर्मा एसडीएम सांचौर, जीके नगला को विकास अधिकारी अधिकारी जसवंतपुरा, रामाअवतार शर्मा को विकास अधिकारी सांचौर, पंकज जैन को तहसीलदार आहोर, सुमेरसिंह राजपुरोहित तहसीलदार बागोड़ा, सुरेन्द्र पाटीदार को तहसीलदार रानीवाड़ा दर्शाया जा रहा है। जबकि इन अधिकारियों के तबादलें हो चुके है, इसके बावजूद वेबसाइट ने आज भी इन्हें जिले में अधिकारी बनाए रखा है।
अपडेट ही नहीं
जालोर प्रशासन की वेबसाइट कई अधिकारियों का स्थानांतरण होने के बाद भी अधिकारी बनाए बैठी है। अधिकारियों के नाम अपडेट करना ही प्रशासन का आइटी विभाग भूल गया है। आईटी विभाग ने प्रशासन के होम पेज को 20 फरवरी व अधिकारियों की संपर्क डायरी को 8 जून के बाद अपडेट नहीं किया है।
तो शिकायतों पर सुनवाई कौन करे
वेबसाइट पर देखकर कई लोग अधिकारी के नाम से आरटीआई का आवेदन करते हैं, लेकिन अधिकारियों के नाम गलत होने की स्थिति में यह शिकायत संबंधित तक पहुंचती ही नहीं है। ऐसे में अधिकारी को पता ही नहीं चलता है कि कोई आवेदन आया भी है। वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता या आरटीआई कार्यकर्ता को भी पता नहीं चलता है कि उसकी शिकायत कहां तक पहुंची।
अपडेट करवाएगें
सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्तता के चलते वेबसाइट पर ध्यान नहीं दे पाए। जल्द ही वेबसाइट को अपडेट करवाएंगे।
- बीएल कोठारी, कलक्टर-जालोर

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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