इस कार्यक्रम में किए 1 लाख से ज्यादा खर्च, बिल ऐसी होटलें के जो है ही नहीं

इस कार्यक्रम में किए 1 लाख से ज्यादा खर्च, बिल ऐसी होटलें के जो है ही नहीं
इस कार्यक्रम में किए 1 लाख से ज्यादा खर्च, बिल ऐसी होटलें के जो है ही नहीं

Dharmendra Ramawat | Updated: 22 May 2019, 11:19:34 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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जालोर. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम मैदान में हुए कार्यक्रम में किए गए खर्च को लेकर कई गड़बडिय़ां सामने आ रही हैं। कार्यक्रम को लेकर जयपुर मुख्यालय से 1.24 लाख रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था और कार्यवाहक उप निदेशक सीडीपीओ अशोक विश्नोई ने 1.04 लाख का खर्च बताकर भुगतान तक कर दिया। खास बात तो यह है कि इस कार्यक्रम में दो सौ से भी कम लोग पहुंचे, लेकिन भोजन के 450 पैकेट के बिल का भुगतान किया गया और प्रति पैकेट का भुगतान 90 रुपए की दर से किया गया। इसके अलावा 900 कप चाय के बिल के लिए भी प्रति कप 10 रुपए यानी कुल 9 हजार रुपए की चाय का भुगतान किया गया। इन सब में चौकाने वाली बात तो यह है कि जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन रोड स्थित जिन होटलों के नाम से बिल पेश किए गए, उनका इस रोड पर कहीं अस्तित्व ही नहीं है।
90 रुपए में भोजन, फर्जी होटलों के बिल भी
अंतरर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इस कार्यक्रम में शामिल हुए करीब 150 से 200 लोगों के भोजन के लिए प्रति पैकेट 90 रुपए के हिसाब से 450 पैकेट यानी कुल 40 हजार 500 रुपए का बिल पेश किया गया। बिल के अनुसार इसमें २५० ग्राम वजन की 8 पुरी, एक मिक्स हरी सब्जी, 125 ग्राम सूखी सब्जी, 50 ग्राम मिठाई का पीस, 1 पापड़, सलाद व केरी का अचार अलग-अलग पैकिंग में शामिल था, लेकिन खुद विभागीय कार्मिकों का कहना है कि इनमें से सिर्फ सब्जी-पुरी ही दी गई थी। जबकि अन्य सरकारी कार्यालयों में अधिकतम 50 से 70 रुपए में ये पैकेट आसानी से उपलब्ध हो जाते हंै। खास बात तो यह है कि इसकी टेंडर प्रक्रिया में भी फर्जीवाड़ा किया गया। रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित सुंधामाता रेस्टोरेंट का चाय व क्षेमंकरी माता रेस्टोरेंट के नाम से भोजन का बिल पेश कर भुगतान उठाया गया है, लेकिन इस नाम से यहां कोई रेस्टोरेंट ही नहीं है।
एकाउंटेंट ने भी किया था मना
सांखला ने बताया अंतरर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुए कार्यक्रम को लेकर बिलों में ओवररेट की आशंका के चलते लेखाधिकारी अर्जुनसिंह खींची ने भी इनमें हस्तक्षेप से स्पष्ट मना कर दिया था। इसके बाद अन्य अधिकारी का इसमें सहयोग लिया गया।
इनका कहना...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुए कार्यक्रम के दौरान मैं यहां नहीं थी। इस अवधि में मैंने महिला अधिकारिता विभाग के सीडीपीओ अशोक विश्नोई को चार्ज संभलाया था। कार्यक्रम में हुए खर्च के भुगतान को लेकर कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
- कौशल्या परमार, उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, जालोर
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुए कार्यक्रम में मैं और लेखाधिकारी अर्जुनसिंह भी वहां मौजूद थे। इस दौरान भोजन, नाश्ता, चाय व पेन-फोल्डर समेत अन्य वस्तुओं पर हुए खर्च को लेकर बिलों में खुल कर भ्रष्टाचार किया गया है। जिसके मेरे पास प्रमाण भी हैं। जिन्हें जरूरत पडऩे पर उच्चाधिकारियों को पेश करूंगा।
- जितेंद्रसिंह सांखला, तत्कालीन जिला कार्यक्रम सहायक (संविदा कार्मिक), महिला एवं बाल विकास विभाग, जालोर
उपनिदेशक छुट्टी पर होने के कारण मुझे कार्यक्रम से दो दिन पूर्व ही कार्यवाहक चार्ज मिला था। पूरी डीटेल तो मुझे याद नहीं है देख कर बताना पड़ेगा। वैसे कार्यक्रम में तीन सौ के करीब लोग पहुंचे थे, लेकिन भोजन के ४५० पैकेट व चाय का ऑर्डर पहले दे दिया था। जिनकी दरें पूर्व में निर्धारित थी। इसलिए पैकेट मंगवाना जरूरी था और उनमें मीनू के अनुसार ही भोजन था। वहीं मैं एक-एक बिल की जांच तो नहीं कर सकता। अगर फर्जी बिल पेश कर भुगतान उठाया है तो बिल पेश करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सीडीपीओ अशोक विश्नोई, तत्कालीन कार्यवाहक उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग

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