...इसलिए कॉलेज प्रेसीडेंट को कैम्पस से घसीटते हुए ले गई पुलिस

Dharmendra Ramawat | Publish: Oct, 06 2018 11:17:51 AM (IST) | Updated: Oct, 06 2018 11:24:26 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

छात्रसंघ उद्घाटन कार्यक्रम : एनएसयूआई उपाध्यक्ष ने कहा-समारोह में बैठे कांग्रेस के पदाधिकारी नहीं वे तो भाजपा के एजेंट थे, विवादित रहा उद्घाटन, घसीटते हुए अध्यक्ष को भी किया बाहर

जालोर. शहर स्थित वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को हुआ छात्रसंघ उद्घाटन कार्यक्रम राजनीति की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम के तहत अतिथियों के बुलावे और कॉलेज की विभिन्न समस्याओं को लेकर कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक थांवला और एनएसयूआई उपाध्यक्ष धीरज गुर्जर कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे।
वहीं दूसरी तरह कांग्रेस के ही पदाधिकारी उद्घाटन समारोह में बतौर अतिथि शिरकत करते नजर आए। ऐसे में कांग्रेस और एनएसयूआई दोनों में मतभेद साफ नजर आया। इधर, विरोध कर रहे छात्रसंघ अध्यक्ष और एनएसयूआई उपाध्यक्ष को पुलिस कुछ ही देर बाद कॉलेज कैम्पस से कॉलर पकड़कर घसीटते हुए पुलिस वाहन में ले गई और बाद में उन्हें बिशनगढ़ ले जाकर छोड़ दिया गया। इसके बावजूद छात्रसंघ अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में उद्घाटन समारोह चलता रहा।
कॉलेज प्रशासन ने उपद्रव मचाने का हवाला देते हुए इन छात्र नेताओं को कार्यक्रम में भी घुसने नहीं दिया। इधर, कार्यक्रम में बुलाए गए ११ में से सिर्फ एक अतिथि ने ही भाग लिया। जिसके कारण कॉलेज प्रशासन को हाथों हाथ नए अतिथियों को बुलाकर कार्यक्रम करना पड़ा। इससे पहले छात्रनेताओं के नेतृत्व में कईस्टूडेंट्स ने छात्रावास शुरूकरने और अतिथियों के नाम को लेकर कॉलेज प्रशासन की राजनीति के विरोध में कॉलेज कैम्पस के बाहर प्रदर्शन किया। इन स्टूडेंट्स का कहना था कि आमंत्रण पत्र में सांचौर विधायक सुखराम विश्नोई का नाम जानबूझकर नहीं लिखा गया। जबकि इसके लिए अध्यक्ष ने कॉलेज प्रशासन को अवगत भी कराया था। छात्रसंघ अध्यक्ष का कहना था कि उसने यह कार्यक्रम आगामी ९ अक्टूबर को करने के लिए कॉलेज प्रशासन को अवगत भी कराया, लेकिन कॉलेज प्रशासन की हठधर्मिता के चलते अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में यह कार्यक्रम शुक्रवार को ही रखा।
चर्चा में रही... हंगामे की वजह
कॉलेज छात्रसंघ उद्घाटन समारोह में हुए हंगामे की वजह भी चर्चा में रही। स्टूडेंट्स और छात्रनेताओं का कहना था कि कार्यक्रम में सांचौर विधायक को नहीं बुलाया गया और युकां कार्यकारी जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह सांखला को छोड़कर कोई भी अतिथि नहीं पहुंचा था। सांखला का नाम महासचिव ने बतौर अतिथि प्रस्तावित किया था। जबकि अन्य की इस पर आपत्ति थी। इसके अलावा छात्रावास और पेयजल व्यवस्था को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। ऐसे में यह कार्यक्रम कुछ दिन बाद करने की मांग की गई। फिर भी हाथों हाथ अन्य अतिथियों को तैयार कर कार्यक्रम किया गया।
अतिथि... आमंत्रित में से सिर्फ एक पहुंचा
अध्यक्ष की सहमति के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से छपवाए गए आमंत्रण पत्र में कुल 1१ अतिथियों के नाम शामिल थे, लेकिन छात्रसंघ उद्घाटन समारोह में सिर्फ युकां जिलाध्यक्ष सांखला ही पहुंचे। जबकि मुख्य अतिथि लेटा मठ के महंत रणछोड़ भारती, अति विशिष्ठ अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीतसिंह, पूर्व विधायक रतन देवासी, पूर्वसांसद पारसाराम मेघवाल, पूर्वविधायक रामलाल मेघवाल, पूर्व जिला प्रमुख मंजू मेघवाल, विशष्ठ अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव जगदीश चौधरी व सोमेंद्र गुर्जर और मुक्केबाजी संगठन के संयुक्त सचिव जगदीश आर्य आए ही नहीं।
एनएसयूआई... समारोह का किया विरोध
कांग्रेस.... पदाधिकारी बने समारोह में अतिथि
छात्रसंघ उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर एक ओर जहां एनएसयूआई से छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक थांवला, एनएसयूआई उपाध्यक्ष धीरज गुर्जर व उनके समर्थक कैम्पस परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर उद्घाटन समारोह में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सोहनसिंह देवड़ा, कांग्रेस अभाव-अभियोग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रमेश सोलंकी और युवक कांग्रेस कार्यकारी जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह सांखला बतौर अतिथि मौजूद थे। ऐसे में एनएसयूआई और कांग्रेस के बीच मतभेद की स्थिति भी नजर आई।
हाथों हाथ तैयार किए अतिथि
कार्यक्रम में अन्य अतिथियों के नहीं पहुंचने पर कॉलेज प्रशासन ने भैरूनाथ अखाड़ा के संत आनंदनाथ महाराज, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सोहनसिंह देवड़ा, कांग्रेस अभाव-अभियोग प्रकोष्ठ अध्यक्ष रमेश सोलंकी, नागरिक बैंक के चेयरमैन नितिन सोलंकी, छात्रसंघ महासचिव दिनेश सुंदेशा (एबीवीपी) व संयुक्त सचिव ममता परमार (एबीवीपी) को अतिथि बनाया। वहीं अध्यक्ष प्राचार्य आरसी मीणा ने की। कार्यक्रम में अतिथियों ने विचार व्यक्त किए। वहीं स्टूडेंट्स ने एक से सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।
घसीट ले गई पुलिस
छात्रसंघ अध्यक्ष मेघवाल व एनएसयूआई उपाध्यक्ष गुर्जर के नेतृत्व में कॉलेज के कई स्टूडेंट कैम्पस के गेट के बाहर ही नारेबाजी कर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कई बार प्राचार्य को वार्ता के लिए बुलावा भी भेजा, लेकिन वे नहीं आए। वहीं अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में ही समारोह शुरू करने से नाराज ये छात्रनेता व स्टूडेंट्स कैम्पस के अंदर नारेबाजी करते हुए घुस गए। बाद में वहां मौजूद शहर कोतवाल व पुलिसकर्मी अध्यक्ष और एनएसयूआई उपाध्यक्ष को कॉलर से पकड़कर पुलिस वाहन में साथ ले गए और बिशनगढ़ ले जाकर छोड़ दिया। कॉलेज प्रशासन ने हंगामे की आशंका के कारण पहले से ही पुलिस बुला रखी थी।
सर्वसम्मति से आमंत्रण पत्र छपवाए गए थे
अध्यक्ष व कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष के कहे अनुसार सभी अतिथियों के नाम लिखे गए थे। करीब 150 कार्ड अध्यक्ष को दिए गए थे। हालांकि सूची में सांचौर विधायक का नाम था, लेकिन संपर्क करने पर उन्होंने पारिवारिक स्थिति के चलते आने में असमर्थता जताई थी। वैसे यह कार्यक्रम कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रायोजित था, किसी पार्टी विशेष का नहीं था। समारोह का आयोजन वैसे शांतिपूर्ण रहा है।
- डॉ.हरीश चौधरी, सदस्य, छात्रसंघ परामर्शदाता समति, जालोर
दबाव में सांचौर विधायक का नाम काटा
कॉलेज प्रशासन ने भाजपा के दबाव में आकर सांचौर विधायक का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं लिखवाया। वे नहीं चाहते थे कि सांचौर विधायक कार्यक्रम में भाग लें। कॉलेज प्रशासन छात्रों की समस्याओं को भी नजरंदाज कर रहा है। प्राचार्य नहीं चाहते कॉलेज का विकास हो। हमारी मांगें जायज थी। बावजूद हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जो उचित नहीं है।
- दीपककुमार मेघवाल, छात्रसंघ अध्यक्ष, जालोर कॉलेज
अंदर बैठे भाजपा के एजेंट थे...
समारोह में बतौर अतिथि मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों को फोन पर अवगत कराया था कि छात्रसंघ अध्यक्ष व एनएसयूआई इस कार्यक्रम का विरोध कर रही है। फिर भी वे बाहर नहीं आए। इससे तो यही प्रतीत होता है कि अंदर बैठे कांग्रेस पदाधिकारी नहीं, भाजपा के एजेंट थे। अध्यक्ष के बिना कार्यक्रम उचित नहीं है।
- धीरज गुर्जर, उपाध्यक्ष, एनएसयूआई

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