जालोर में चुनाव में हावी रहता है जातिवाद

जालोर में चुनाव में हावी रहता है जातिवाद

Nain Singh Rajpurohit | Publish: Sep, 04 2018 11:23:58 AM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 11:23:59 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

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नैनसिंह राजपुरोहित. जालोर. जिले में विभिन्न चुनावों में जातिवाद का जोर हावी रहता है। कुछ गांवों को छोड़ दे तो अधिकांश गांवों में जातिगत समीकरण व परम्परागत वोट बैंक के आधार पर ही हार जीत तय होती है। विधानसभा चुनाव 2013 के आंकड़ों पर नजर डाले तो बीजेपी व कांग्रेस के प्रत्याशियों को अपने क्षेत्र व अपनी जाति के गांवों में सर्वाधिक मत मिले है।
कुछ बूथों पर परम्परागत वोट के चलते भी प्रत्याशियों को अधिक मत मिले है। जालोर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दे तो सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी के पैतृक गांव, प्रत्याशी की जाति के गांव व परम्परागत वोट बैंक रहे गांवों में उन्हें सर्वाधिक मत मिले है। विधानसभा चुनाव 2013 के मतों के आधार पर विश्लेेषण करे तो प्रत्याशी को उसके गांव व उसकी जाति के बाहुल्य गांवों में अधिक वोट मिले है।
आहोर विधानसभा
विधानसभा चुनाव 2013 में भाजपा के टिकट से विजयी हुए आहोर विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित मूलत: पाली जिले बसंत गांव के निवासी है। लेकिन आहोर विधानसभा क्षेत्र में राजपुरोहित जाति बाहुल्य वाले सांकरणा के एक बूथ, शंखवाली गांव के दो बूथ व ऊण गांव के एक बूथ पर सर्वाधिक वोट मिले है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सवाराम पटेल को उनके निवास क्षेत्र के पास स्थित मतदान केंद्र पंचायत भवन आहोर, चौधरी बाहुल्य खारा गांव, नयारामा, निम्बला और हरजी के सरकारी स्कूल के हॉल के बूथ पर सर्वाधिक वोट मिले है।
जालोर विधानसभा
जालोर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है। यहां से भाजपा विधायक अमृता मेघवाल को विधानसभा चुनाव 2013 में आलवाड़ा, खारी, गोलिया सायला, कोमता स्कूल के एक बूथ व बावतरा कमरा नम्बर चार बूथ पर सर्वाधिक वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल मेघवाल को जालोर के शांतिनगर बूथ, भीनमाल रोड तासखाना बावड़ी क्षेत्र के सहायक निदेशक उद्यान बूथ, उनके पैतृक गांव रेवतड़ा, बालवाड़ा के एक बूथ व जालोर के मालनाथ की ढाणी बूथ पर सर्वाधिक मत मिले थे।
भीनमाल विधानसभा
विधानसभा चुनाव 2013 में भाजपा से विजयी रहे पूराराम चौधरी कावतरा गांव के निवासी है। चौधरी को उनके गांव कावतरा के दोनों बूथों के अलावा चौधरी बाहुल्य बूथ नवापुरा चौपावतान, सेवड़ी और वाड़ा नया के बूथ पर जातिगत आधार पर सर्वाधिक मत मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी उमसिंह आहोर क्षेत्र के चांदराई निवासी है। इन्हें मुस्लिम बाहुल्य खोखा के एक बूथ पर, भीनमाल के जगजीवनराम कॉलोनी बूथ, भागलसेप्टा व बोरटा में सर्वाधिक मत मिले। उमसिंह को देवासी-भोमिया राजपूत गठबंधन के चलते कुछ मतदान केंद्रों पर अधिक वोट मिले।
सांचौर विधानसभा
सांचौर विधानसभा क्षेत्र से 2013 में विजयी कांग्रेस के सुखराम विश्नोई को जातिगत व परम्परागत वोट बैंक के आधार पर विश्नोई बाहुल्य क्षेत्र में सर्वाधिक वोट मिले। उन्हें झोटड़ा गांव के एक बूथ, धमाणा का गोलिया, हालीवाव, वीरावा व डावल गांव के बूथ पर सर्वाधिक मत मिले थे। इन गांवों को कांग्रेस का दबदबा है। वहीं भाजपा के जीवाराम चौधरी को चौधरी जाति के बाहुल्य वाले निम्बाऊ, पथमेड़ा, प्रतापपुरा व गोलासन गांव के दो बूथों पर सर्वाधिक मत मिले।
रानीवाड़ा विधानसभा
विधानसभा चुनाव 2013 में रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के नारायणसिंह देवल विजयी हुए थे। इन्हें इनके पैतृक गांव पहाड़पुरा में सर्वाधिक मत मिले थे। वहीं भाजपा के परम्परागत वोट बैंक मानी जाने वाली जातियों से बाहुल्य वाले सेवाड़ा, धानोल, सावीधर व रामपुरा में सर्वाधिक वोट मिले।वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रतन देवासी को देवासी जाति के बाहुल्य व कांग्रेस के परम्परागत वोट बैंक माने जाने वाले अनुसूचित जाति व जनजाति के मतदाताओं वाले बूथों पर सर्वाधिक मत मिले। देवासी को मारूवाड़ा, तावीदर, कुड़ा, दांतवाड़ा के एक बूथ व मेड़ककलां बूथ पर सर्वाधिक मत मिले।
मतदाताओं की राय
आहोर विधानसभा क्षेत्र के सांकरणा निवासी कैलाशसिंह राजपुरोहित व हरजी निवासी वीरेन्द्रसिंह ने बताया कि विधायक के कार्यकाल में क्षेत्र में विकास कार्य हुए है। वे जनता के बीच में रहते है। ऐसे में इन बूथों पर भाजपा की बढ़त रहेगी। वहीं निम्बला के अर्जुन मेघवाल व गोविंदकुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में इस बार भी कांग्रेस को अधिक वोट मिलेंगे।
जालोर विधानसभा क्षेत्र के शांतिनगर निवासी प्रवीण दहिया ने बताया कि इस बार भी इनके यहां कांग्रेस को सर्वाधिक मत मिलेंगे। आलवाड़ा के चमनाराम ने बताया कि उनके यहां बीजेपी को अधिक वोट मिलेंगे। सायला गोलिया के पिंटूसिंह चौहान ने बताया कि प्रत्याशी बदला तो वोट बीजेपी को अधिक मिलेंगे, नहीं तो मतदाता कांग्रेस में डायवर्ट होंगे।
भीनमाल विधानसभा के कावतरा निवासी गजेंद्रसिंह ने बताया कि इस बार भाजपा को थोड़ा नुकसान होगा। वहीं नयावाड़ा के कांतिलाल भील ने बताया कि विधायक ने उनकी सुध ही नहीं ली। ऐसे में लोगों का रुझान कांग्रेस की तरफ है। सेवड़ी के अकबरखां ने बताया कि उनके गांव में इस बार कांटे की टक्कर रहेगी।
रानीवाड़ा विधानसभा के पहाड़पुरा निवासी वीरेंद्र देवासी, धानोल के भीखराम चौधरी व सेवाड़ा के शैतानसिंह की माने तो उनके क्षेत्र में इस बार भी बीजेपी आगे रहेगी।
सांचौर के गोलासन निवासी कृष्ण पुरोहित ने बताया कि इस बार बीजेपी की स्थिति संतोषजनक नहीं है। पथमेड़ा के वरजांगाराम देवासी ने बताया कि नर्मदा को लेकर जो वादा किया गया वो अधूरा है। लोगों को पूरा मुआवजा नहीं मिला है। हालीवाव के हीरालाल ने बताया कि क्षेत्र में विकास नहीं हुआ है। कांग्रेस को इस बार भी बढ़त मिलेगी।

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