
जालोर जिले में आम चुनावों के लिए निषेधाज्ञा लागू, चुनावी सरगर्मियां शुरू
जालोर. सातवें वेतन आयोग की मांग समेत अन्य मांगों को लेकर रोडवेज कर्मियों की ओर से जारी धरना और चक्काजाम 20 दिन के बाद में समाप्त हो गया। बसों का संचालन रविवार सवेरे से शुरू हो गया। संचालन शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिली है। इससे पूर्व करीब 20 दिन से रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो पा रहा था। शनिवार दोपहर में आचार संहिता लगने के साथ ही उनका विरोध थम गया गौरतलब है आचार संहिता लगने के बाद में सरकार किसी तरह की घोषणा या रोडवेज कर्मियों के लाभ के लिए कोई भी सहूलियत मुहैया नहीं करवा सकती है।
20 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी आचार संहिता
विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर शनिवार से आचार संहिता प्रभावी होने के साथ प्रशासनिक अमला हरकत में आ चुका है। जिसके बाद शाम से ही सरकारी विज्ञापन व अन्य प्रचार पोस्टर हटाने शुरू कर दिए गए। जिला मजिस्ट्रेट बीएल कोठारी ने बताया कि 6 अक्टूबर शनिवार से निषेधाज्ञा जारी प्रभावी है, जो कि आगामी 20 दिसम्बर 2018 तक प्रभावी रहेगी। जिला मजिस्ट्रेट बी.एल.कोठारी ने बताया कि गैर कानूनी गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ, रिवोल्वर, पिस्टल, राइफल, बन्दूक आदि एवं अन्य हथियार गण्डासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनख (शेर पंजा) समेत धातु के शस्त्र प्रतिबंधित रहेेंगे और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूमेगा एवं न ही सार्वजनिक स्थान पर उनका प्रदर्शन करेगा।
इनको छूट रहेगी
वृद्ध, अपाहिज एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते है, लाठी का उपयोग चलने में सहारा लेने के लिए कर सकेंगे। वहीं सिख समुदाय के लोगो को धार्मिक परम्परा के अनुसार कृपाण धारण करने की छूट होगी। इसी प्रकार राजस्थान पुलिस एक्ट 2007की धारा 44 के तहत जिला पुलिस अधीक्षक जालोर या सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थल पर किसी भी प्रयोजन के लिए जुलूस, रैली, सभा धरना आदि का आयोजन नहीं करेगा । सम्बन्धित क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के बिना ध्वनि विस्तारण यंत्रों का प्रयोग नहीं करेगा । विशेष परिस्थतियों में ध्वनि विस्तारण यन्त्र के उपयोग व अनुमति सम्बन्धित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा सवेरे 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी।
इन पर रहेगी विशेष नजर
कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य नहीं करेगा ओर न ही ऐसे पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री प्रकाशित करेगा ओर न ही उसका वितरण करेगा साथ ही एम्पलीफायर, रेडियो, टेप रिकार्डर, लाऊडस्पीकर, ऑडियो- विडियो कैसेट, सीडी या अन्य किसी दृश्य-श्रव्य इलेक्ट्रोनिक साधनों के माध्यम से इस प्रकार या प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा, ओर न ही ऐसे कृत्यों के लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा। इसी प्रकार किसी भी राजनैतिक दल, व्यक्ति के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक, राजकीय सम्पतियों पर किसी भी तरह के नारे लेखन या चुनाव प्रतीकों का चित्रण नही करेगा।
धार्मिक स्थान से चुनाव प्रचार नहीं
मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरूद्वारों या अन्य धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार मंच के रूप में नहीं किया जाएगा। मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रो तक लाने ले जाने पर पूर्णत रोक रहेगी। कोई भी व्यक्ति मतदान दिवस के दिन मतदान केन्द्रों से 200 मीटर की परिधि के भीर किसी भी तरह के मोबाईल फोन, सेलफोन, वायरलेस का उपयोग नहीं करेगा एवं न ही लेकर चलेगा, किन्तु यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी पर कार्यरत कार्मिकों, अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।
Updated on:
07 Oct 2018 10:18 am
Published on:
07 Oct 2018 10:17 am
