
मौके से सबूत जुटाते पुलिस अधिकारी। फोटो: पत्रिका
जालोर। आम दिनों की तरफ सुबह पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना फोन बजा… तो युवक ने खुद का नाम मंगलाराम पुरोहित निवासी दासपां बताया। जैसे ही उसने कहा कि मैंने पत्नी, बच्चों सहित परिवार को मार दिया है। तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
कॉल ट्रेस के चाद दासपां गांव के राजकीय चिकित्सालय के पीछे करीब आधा किलोमीटर पर स्थित पुरोहितों की ढाणी पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो मंगलाराम घर के आंगन में टहलता मिला।
आरोपी ने गेट खोला तो पुलिस टीम ढाणी में पहुंची। घर में दो बच्चे निकिता (10) व हितेश (8) के शव चारपाई पर खून से लथपथ मिले, वहीं उसकी पत्नी दाड़मी देवी का शव सामने स्थित घर में फर्श पर खून से लथपथ पड़ा मिला। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही दस्तयाब किया।
आरोपी मंगलाराम के दो भाई भी मौके पर पहुंचे। ये शादी समारोह में शरीक होने गए हुए थे। आरोपी के भाई ने बताया कि मंगलाराम व उसकी भाभी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते है। छह माह पूर्व मंगलाराम ने उसकी भाभी से मारपीट की थी, जिससे चेहरे पर चोट लगी थी। हमने पुलिस में मुकदमा करवाने को कहा था, लेकिन भाभी दाड़मीदेवी ने मना कर दिया था। उस दिन मुकदमा कर दिया होता, तो यह बड़ी वारदात नहीं होती। मंगलाराम काफी सालों से कोई काम-धंधा नहीं करता था। उसके घर का खर्च हम व उसके ससुराल वाले उठाते थे।
घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हृदय विदारक मंजर को देख प्रत्यक्षदर्शियों के रौंगटे खड़े हो गए। लोग विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि पत्नी को सात जन्म के साथ निभाने की रस्म को निभाने वाला शख्स ही वहशी दरिंदा कैसे बन सकता है। जिस पर बच्चों व पत्नी की रक्षा करने का दायित्व उस पर था, उसने ही रात में नींद में धारदार हथियार से उनका गला रेत कर बेहरमी से हत्या कर दी।
आरोपी का पिता पदमाराम बोला कि मंगलाराम शुरू से ही सनकी व झगड़ालु प्रवृति का था। शादी के बाद वह परिवार के साथ अलग ही रह रहा था। उसने रात में ऐसा क्यों किया, मुझे जानकारी नहीं। मैं सामने कच्चे मकान में सो रहा था, उसको मेरे यहां होने की जानकारी होती तो, वह मुझे भी मार देता। वह बार-बार उसके पौते के गले लिपट कर रोता रहा। हत्यारे पिता की अक्षम्य इस करतूत पर मासूम मुकेश के आंखों से भी अश्रुधारा बह रही थी।
दासपां गांव के क्षेत्रपाल विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेन्द्रसिंह ने बताया कि निकिता पढ़ने में होशियार थी। वह उसके दोनों भाइयों का भी ध्यान रखती थी। बच्चें रोजाना करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय पहुंचते थे। उनकी फीस भी अक्सर ननिहाल के लोग ही देते थे। घटना की सूचना मिलने पर यहां आस-पास के लोग पहुंचे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सनकी प्रवृत्ति का है। पूछताछ में उसने पत्नी के चरित्र पर शक का हवाला देते हुए वारदात को अंजाम देने की बात कही है। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में ऐसे तथ्य सामने नहीं आए हैं। सभी एंगल को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
-शैलेंद्रसिंह इंदौलिया, एसपी, जालोर
Updated on:
20 Feb 2026, 11:47 AM IST
Published on:
20 Feb 2026, 11:47 AM IST
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