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लापरवाही की सड़क: महीनाभर भी नहीं चली, बारिश में बह गई सड़क

जसवंतपुरा से कलापुरा जाने वाली सड़क को लापरवाही की सड़क कहना ज्यादा मुनासिब होगा। महज महीनेभर पहले बनी सड़क एक बारिश भी नहीं झेल पाई। बारिश ने इसके निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पोल खोल दी।
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लापरवाही की सड़क: महीनाभर भी नहीं चली, बारिश में बह गई सड़क

जालोर/जसंवतपुरा.
जसवंतपुरा से कलापुरा जाने वाली सड़क को लापरवाही की सड़क कहना ज्यादा मुनासिब होगा। महज महीनेभर पहले बनी सड़क एक बारिश भी नहीं झेल पाई। बारिश ने इसके निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पोल खोल दी।
उपखण्ड मुख्यालय से कलापुरा जाने वाली सड़क माहभर पहले ही बनी है। बुधवार को हुई बारिश में यह जवाब दे गई। इसका काफी हिस्सा बह गया। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया, जिससे यह दगा दे गई। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के समय भी ठेकेदार पर घटिया सामग्री का आरोप लगाया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में पहली बारिश ने ही इसकी पोल खोल दी। सड़क किनारे की पटरियां भी नहीं बनाई गई। जिससे सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने लगी है। कस्बे से सुंधामाता जाने वाली सड़क भी बिखरने लगी है। सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जसवंतपुरा से कलापुरा जाने वाली नवनिर्मित सड़क के बह जाने से आक्रोश जताया है। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग से सरकारी धन को नुकसान पहुंचा। इस सम्बंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री व शासन सचिव को पत्र भेजकर ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
ग्रामीणों ने बताया कि काम में लापरवाही के कारण सड़कों को नुकसान हो रहा है। निर्माण सामग्री में भी गुणवत्ता नहीं रखी जाती। कुछ ही दिनों में सड़क बह जाने से सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। यह सड़क वापस कब ठीक होगा कहना मुश्किल है। इस तरह का कार्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
अधिकारियों को पता तक नहीं
अधिकारियों की मॉनिटरिंग का आलम तो यह है कि सड़़क कहां टूटी है और कहां ठीक हुई इसकी जानकारी तक अधिकारियों के पास नहीं है। कलापुरा मार्ग बह जाने के इस मामले में अधिकारियों से पूछा तो पता चला कि उन्हें वस्तुस्थिति की जानकारी तक नहीं है। बिना मॉनिटरिंग के ठेकेदार कितनी मस्ती से सड़क बनाते होंगे सोच सकते हैं।
पूछना पड़ेगा...
सड़क के बारिश में बह जाने की जानकारी तो नहीं है। सहायक अभियंता से पूछना पड़ेगा। सड़क बह गई है तो मरम्मत करवा देंगे।
- राकेश माथुर,एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, भीनमाल