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सांचौर पहुंच रही शराब, आबकारी और पुलिस की निगरानी ढीली

तस्करी : बाड़मेर में दस दिनों में पकड़ी दो करोड़ की शराब
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liquor Smuggling

Sanchor reaching liquor, Department not monitoring

जालोर. सांचौर इन दिनों शराब की अवैध रूप से डम्पिंग का केंद्र बन रहा है, लेकिन पुलिस व आबकारी महकमा उदासीन ही है। सांचौर आ रहा काफी माल बाड़मेर में ही पकड़ा जा चुका है, लेकिन किसी तरह आगे बढ़ गई खेप सांचौर तक पहुंच रही है। यहां से सीधे गुजरात के लिए आपूर्ति हो रही है, लेकिन इसकी धरपकड़ या तस्करों पर सख्ती कसने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही।पिछले दस दिनों में ही बाड़मेर में करीब दो करोड़ की शराब पकड़ी जा चुकी है। इन सभी मामलों में पकड़े गए आरोपित यही बताते हैं कि यह माल सांचौर जा रहा था। गत दिनों सांचौर के अचलपुर स्थित खेत में रखी खेप भी आबकारी की पकड़ में आ चुकी है। ये मामले दर्शाते हैं कि बाहरी राज्य के लिए निर्मित शराब सांचौर पहुंच रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर न तो धरपकड़ हो रही है और न ही शराब बरामद हो रही है।
ऐन सांचौर से पहले पकड़े गए
माना जा रहा है कि अन्य राज्यों में बिकने के लिए निर्मित शराब गुजरात भेजने के लिए भारी वाहनों में सांचौर आ रही है।जांच एजेंसियों से बचने के लिए इस माल को यहां से छोटे वाहनों में गुजरात भेज रहे हंै। सांचौर के लिए भी बाड़मेर के रास्ते माल मंगवाया जा रहा है। ऐन जालोर सीमा तक पहुंचते ही बाड़मेर में खेप पकड़े जाने का यही कारण है।
वहां लगातार धरपकड़, यहां कुछ नहीं
बाड़मेर जिला आबकारी अधिकारी देवेंद्र दशोरा के नेतृत्व में गत 31 अगस्त को सरनु चिमनजी में करीब 45 लाख रुपए की शराब पकड़ी।इसके बाद 6 सितम्बर को पचपदरा में ट्रक पकड़ कर 60 लाख रुपए की शराब बरामद की। 9 सितम्बर को सिणधरी पुलिस ने ट्रक पकड़ कर 50 लाख रुपए की शराब जब्त की।९ सितम्बर की रात आबकारी विभाग ने पचपदरा ब्रिज के समीप एक और ट्रोलर पकड़ा, जिसमें से 50 लाख रुपए मूल्य की शराब पकड़ी।