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कार्मिकों की हड़ताल, चरमराई बिजली आपूर्ति व्यवस्था

विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमरा रही है। कई जगह फॉल्ट हो गए हैं, जिनको दुरुस्त करने वाला कोई नहीं है।
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बागरा में जीएसएस पर विरोध प्रदर्शन करते किसान

नारणावास. विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमरा रही है। कई जगह फॉल्ट हो गए हैं, जिनको दुरुस्त करने वाला कोई नहीं है। इससे उपभोक्ता परेशानी झेल रहे हंै।
उपभोक्ताओं ने बताया कि विद्युत कर्मचारियों की सोमवार सुबह से हड़ताल शुरू हो गई है। इससे विद्युत लाइन ठीक नहीं हो पा रही है। नारणावास, नया नारणावास, बागरा, भेटाला, मायलावास, चांदना, दीगांव सहित दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति अस्त-व्यस्त हो गई है। कार्य नहीं होने से उपभोक्ताओं की भारी परेशानी हो रही है। गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बंद पड़ी है। ग्रामीणों सहित पशुपालक व किसान परेशान है। यूसुफ खान, साकिर खान खोखर, हीरसिंह, खीमाराम घांची, नेनाराम मेघवाल आदि ने बताया कि विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विद्युतापूर्ति अस्त-व्यस्त पड़ी है। जीएसएस में भी जवाब देने वाला कोई नहीं है। किसानों ने बताया कि घंटों से कृषि कुओं की आपूर्ति बंद पड़ी होने से पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था नहीं हो रही है। कृषि कुओं की विद्युतापूर्ति बंद रहने से किसानों की हालत खस्ता हो रही है। फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है।
लम्बी लाइन बनी जी का जंजाल
बागरा, नारणावास व नया नारणावास में लम्बी लाइन होने से विद्युतापूर्ति के दौरान छोटा फॉल्ट आते ही आपूर्ति ठप हो जाती है। जो फॉल्ट ठीक होने के बाद ही विद्युतापूर्ति चालू हो पाती है। ऐसे में कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से अब फॉल्ट निकलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि अस्थाई व्यवस्था के चलते कई गांवों विद्युत आपूर्ति बहाल होने लगी है।
किसानों का जीएसएस पर प्रदर्शन
चितलवाना . बिजली कर्मचारियों की ओर से जीएसएस से बिजली बंद कर हड़ताल पर उतरने के बाद मंगलवार को किसान जीएसएस पर पहुंचे। गांवों में बिजली सप्लाई नहीं होने से किसानों को पेयजल सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने जीएसएस पर पहुंचकर विरोध जताया। वहीं किसानों ने अकाल को देखते हुए बिजली कटौती का भी विरोध जताया। गांवों में दिनभर बिजली कटौती से किसान और ग्रामीण परेशान रहे।