खरीद केंद्र पर किसानों का ऐसे हो रहा समर्थन...पढ़ें पूरी खबर

खरीद केंद्र पर किसानों का ऐसे हो रहा समर्थन...पढ़ें पूरी खबर

Dharmendra Ramawat | Publish: Apr, 17 2019 12:20:13 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 12:20:14 PM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

केंद्र पर कार्यरत कर्मचारी जान पहचान वाले किसानों को ही दे रहे फायदा

बडग़ांव. न्यूतनम समर्थन मूूल्य पर सरसों की खरीद के लिए खोले गए केंद्र में कार्यरत कर्मचारी पर किसानों ने मिलीभगत व जान पहचान वालों की फसल तुलाई का आरोप लगाया है। आरोप है कि केंद्र पर किसानों को सरसों की क्वालिटी से संबंधित अव्यावहारिक नियम बताकर तुलाई करने से मना किया जा रहा है। जिससे किसानों में रोष है। रानीवाड़ा उपखण्ड के किसानों को समर्थन मूल्य पर सरसों की तुलाई के लिए उपखण्ड मुख्यालय से करीब सात किमी दूर जालेरा खुर्द स्थित कृषि मंडी प्रांगण में खरीद केंद्र स्थापित किया गया है। जिन-जिन किसानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उनके मोबाइल पर तुलाई का नम्बर लगने का एसएमएस मिलते ही किसान ट्रैक्टर ट्रोलियां व किराए के वाहनों में सरसों खरीद केंद्र पर पहुंचाते हैं, लेकिन किसानों का आरोप है कि जैसे ही सरसों तुलाई के लिए उनका नम्बर लगता है। उस दौरान केंद्र पर कार्यरत कर्मचारी मावाराम जान पहचान वालों की सरसों की तो तुलाई कर देता है, लेकिन नंबर से आने वाले किसानों को सरसों की सफाई व क्वालिटी से संबंधित अव्यावहारिक नियम बताकर तुलाई करने से मना कर देता है। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तुलाई नहीं हो पाने के कारण इन किसानों को औने-पौने दामों पर मंडी में आढ़तियों को सरसों बेचने पर विवश होना पड़ रहा हैं। किसानों ने बताया कि बडग़ांव क्षेत्र के आस-पास दो दर्जन से अधिक गांव हैं। जहां के किसानों को इस कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका हैं। बडग़ांव से सरसों खरीद केंद्र करीब 25 किमी की दूरी पर है। कई किसान किराए के वाहन लेकर सरसों तुलवाने के लिए केंद्र पर पहुंचते है, लेकिन वहां पर अव्यवहारिक नियम बताकर तुलाई करने से मना करने से किसानों को वाहन किराया व मजदूरी का करीब दो हजार का खर्च भुगतना पड़ता है। इसके बाद भी सरसों की तुलाई नहीं हो पाती है। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रति क्विंटल 800 रुपए का नुकसान
सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4 हजार 200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखा है। जबकि बाजार में सरसों 3200 से 3450 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। औसत भाव 3350 रुपए प्रति क्विंटल है। ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल 800 रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
सस्ते दामों पर सरसों बेचने को मजबूर
सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली सरसों किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। बडग़ांव क्षेत्र के आस-पास पर्याप्त मात्रा में भूजल होने से इस बार खेतों में सरसों की अच्छी खासी पैदावार हुई है। ऐसे में किसानों को सस्ते भावों पर सरसों मंडियों में बेचनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि पहले समर्थन मूल्य पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में परेशानी उठानी पड़ी और अब इस समस्या के कारण बहुत से किसान सस्ते भावों में मंडी में ही सरसों बेच रहे हैं।
किसानों ने बताई पीड़ा
सरसों खरीद केंद्र पर शनिवार को वगतापुरा के किसान शिवलाल पुत्र हरजी व मुकेश पुत्र पन्ना समेत ऐसे कई किसान पहुंचे, जिन्हें अव्यवहारिक नियम बताकर तुलाई करने से वंचित रखा गया। ऐसे में उन्हें केंद्र से बिना तुलाई के ही बैरंग लौटना पड़ा।
जान पहचान वालों की तुलाई
जालेरा खुर्द स्थित कृषि मंडी में सरसों खरीद केंद्र पर कार्यरत कर्मचारी मावाराम देवासी जान पहचान वालों की ही सरसों की तुलाई करता है। मैं शनिवार को केंद्र पर सरसों लेकर गया तो सफाई व क्वालिटी का बहाना बनाकर तुलाई करने से मना कर दिया। वहीं दूसरे व्यक्ति के सरसों की सफाई नहीं होने के बावजूद तुलाई की जा रही थी।
- शिवलाल चौधरी, किसान, वगतापुरा

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