
दो साल पहले बाढ़ से टूटे जेतपुरा बांध की नहीं हो पाई मरम्मत
बारिश के मौसम में जेतपुरा नदी में पानी की आवक शुरू होते ही रूपावटी खुर्द गांव व नवनिर्मित रास्ते को खतरा
बडग़ांव. जिले का सबसे बड़ा जेतपुरा सिंचाई बांध 23 जुलाई २017 को अतिवृष्टि के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण ओवरफ्लो होकर रूपावटी खुर्द गांव की तरफ से टूट गया था। इस बात को दो साल बीतने आए हैं, लेकिन अब तक बांध की मरम्मत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने इसकी मरम्मत की मांग भी रखी थी। जिसके बाद बांध की मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा भी हुई, लेकिन अब तक इसके लिए बजट नहीं मिल पाया है। बांध टूटने के दौरान रूपावटी खुर्द गांव से करीब ५० से १०० मीटर तक की दूरी पर नदी का पानी चला था। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश शुरू होते ही नदी में पानी की आवक शुरू हो जाएगी। नदी का पानी रूपावटी खुर्द गांव की तरफ चलेगा। जिससे रूपावटी खुर्द गांव की तरफ कटाव होगा और नदी का पानी गांव को चपेट में ले लेगा। समय रहते बांध का निर्माण नहीं हुआ तो रूपावटी खुर्द गांव नदी के पानी की चपेट में आ सकता है। वहीं वर्तमान में करीब एक करोड़ की लागत से नदी के बहाव क्षेत्र में नवनिर्मित सड़क मार्ग भी पानी के बहाव से टूट सकता है।
ग्रामीण भयभीत
करीब दो साल पहले हुई भारी बारिश के दौरान अचानक जेतपुरा बांध रूपावटी खुर्द गांव की तरफ से टूट गया था। उस दौरान नदी का पानी रूपावटी खुर्द गांव की तरफ बढ़ा था। तेज वेग के कारण नदी का पानी रूपावटी खुर्द गांव की तरफ भी पहुंचाा था। तब ग्रामीणों ने मकान खाली कर गांव के पास ही स्थित विद्यालय परिसर में डेरा डाला था। अब फिर से बारिश का मौसम नजदीक आ रहा है। ऐसे में बांध की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को अभी से ही इसकी चिंता सता रही है।
आवंटित नहीं हुआ बजट
जेतपुरा सिंचाई बांध की मरम्मत के लिए दो करोड़ की घोषणा की गई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के कारण बजट आवंटित नहीं हो पाया। अब तक बांध की मरम्मत के लिए बजट आवंटित नहीं हुआ है।
इनका कहना...
बांध को टूटे करीब दो साल होने को हैं। इसकी मरम्मत नहीं हुई है। कई बार अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों को अवगत करवा चुके हैं। बारिश के दौरान नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ेगा। गांव इसकी चपेट में आ सकता है। गांव से नदी की दूरी महज 50 मीटर है। मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीणों को नुकसान झेलना पड़ेगा।
मुरारदान चारण,ग्रामीण, रूपावटी खुर्द
Published on:
16 Apr 2019 01:29 pm
