
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी मीरपुरा गांव को जोडऩे वाली सड़क बदहाल
भीनमाल. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 12 साल पहले बनी भीनमाल-मीरपुरा सड़क बदहाल है। सड़क से डामर का तो नामोनिशान मिट चुका है। इसके अलावा कंकरीट व पत्थर भी बाहर निकल गए है। सड़क के कदम-कदम पर गड्ढे पड़ गए है। ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेेशानी झेलनी पड़ रही है। दुपहिया व लग्जरी वाहन चालकों के लिए इस सड़क पर गुजरना काफी मुश्किल हो गया है। खासकर 2017 की बाढ़ के बाद तो यह सड़क जगह-जगह बिखर गई है। हैरानी की बात तो यह है कि इस सड़क के साथ बनी सड़कों का नवीनीकरण हो चुका है, लेकिन मीरपुरा से भीनमाल 6.7 किलोमीटर सड़क बदहाल बनी हुई है। यह सड़क पिछलेे दो साल सेे नोन पेंचेबल श्रेणी में है। यहां से रोजाना दर्जनों की संख्या वाहन गुजरते है। रात के समय तो दुपहिया वाहन चालकों को गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। दुपहिया वाहन चालक रात के समय संतुलन खोकर दुर्घटना के शिकार हो रहे है। मीरपुरा गांव में जीवदया गौशाला भी संचालित हो रहा है। गौशाला के लिए गुजरने वाले चारे के वाहन भी पलटने की आशंका रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल सड़क की वजह से आवश्यकता होने पर वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते है। ग्रामीणों के सफर तय करने में दुगुना समय लगता है। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अवगत भी करवाया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
गड्ढों में तब्दील हो चुकी है सड़क
भीनमाल-मीरपुरा करीब 6.5 किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कदम कदम पर गड्ढे पड़ गए है। रात के समय दुपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का भय सताता है।
लखमाराम माली, ग्रामीण
पूरी तरह उखड़ गई है सड़क
भीनमाल-मीरपुरा सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। सड़क पर डामर का नामोनिशान मिट चुका है। कंकरीट व पत्थर बाहर निकल रहे है। वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते है।
मानसिंह चौहान, मीरपुरा
प्रस्ताव भेजेंगे
भीनमाल-मिरपुरा ग्रामीण सड़क पीएमजीएसवाई के तहत 2007-08 में बनी थी, यह सड़क अब नोन पेंचेबल श्रेणी में है। सड़क के नवीनीकरण के लिए सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे। स्वीकृति मिलने पर नवीनीकरण हो सकेगा।
राजुराम, अधिशाषी अभियंता, पीएमजीएसआई-भीनमाल
Published on:
03 Apr 2019 04:23 pm
