अंग्रेज अफसर भी गुजरते थे इस 'गो-इनÓ रास्ते पर, आजादी के बाद भी नहीं सुधार पाए

Dharmendra Ramawat | Updated: 04 Oct 2018, 11:30:26 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

पड़ौसी गांव जाने के लिए पैदल, बैलगाड़ी या ट्रैक्टर का सहारा, सालों से नहीं सुधरी कच्चे रास्तों की हालत

चितलवाना. राज्य और देश के विकास को लेकर भले ही नेताओं की ओर से ढोल पीटकर वाहवाही लूटी जा रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ऐसा ही स्थिति खिरोड़ी व इसके आस-पास के गांवों की है। खिरोड़ी से अन्य गांव तक पहुंचने के लिए यहां के ग्रामीणों को आज भी कच्चे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। इन कच्चे सरकारी रास्तों को पार करने के बस या निजी वाहन चल ही नहीं सकते। ऐसे में पैदल या साधन सम्पन्न लोग टै्रक्टर व बैलगाड़ी से ही इस रास्ते को पार कर पाते हैं। वहीं छोटे वाहन भी यहां बड़ी मुश्किल से चल पाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खिरोड़ी से पड़ोसी गांव व ढाणियों तक जाने के लिए ट्रैक्टर या बैलगाड़ी से सफर तय करना पड़ता है। इसके लिए भी लोगों को कई किमी का चक्कर लगाकर आना पड़ता है।
बाढ़ में ये रहते हैं खुले
अतिवृष्टि या नदी के बहाव दौरान पंचायत समिति मुख्यालय जाने के लिए दर्जनभर गांवों के लिए खिरोड़ी से जाटों का गोलिया का रास्ता ही खुला रहता है।
अंग्रेजी हुकूमत में 'गो-वेÓ के नाम से प्रचलित
अंग्रेजी हुकूमत में इस रास्ते को गो-वे (जाने का रास्ता) के नाम से जाना जाता था और अंग्रेज भी अतिवृष्टि या नदी के बहाव के दौरान इसी रास्ते का उपयोग करते थे। आजादी के बाद में यह रास्ता गोईया के नाम से जाने जाना लगा है। आज भी कई गांवों में कच्चा होने से लोग बोल-चाल की भाषा में इस रास्ते को गोईया ही कहते हैं।
कई ग्रेवल आज भी अधूरी
खिरोड़ी गांव से ढाणियों व दूसरे गांव को जोडऩे के लिए खिरोड़ी से जाटों का गोलिया, खिरोड़ी से सैली, खिरोड़ी से अमरपुरा, खिरोड़ी से तैतरोल व खिरोड़ी से भादरुणा के रास्ते आज भी कच्चे होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। खिरोड़ी गांव से आस-पास के गांवों से जोडऩे के लिए सरकारी रास्ता होने के बावजूद पंचायत ने रुचि नहीं दिखाई है। यहां नरेगा के तहत ग्रेवल सड़क भी बनाई जा सकती थी।
गांव के आस-पास के कई सरकारी रास्ते आज भी कच्चे हैं। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- नगाराम पुरोहित, ग्रामीण, खिरोड़ी
खिरोड़ी में ग्राम पंचायत की ओर से मालियों का गोलिया सड़क निर्माणाधीन है। तैतरोल का काम जल्द ही शुरू करवाया जाएगा। अन्य सड़कें जल्द ही स्वीकृति लेकर बनावाई जाएगी।
- जगदीश सोनी, ग्राम विकास अधिकारी, आकोली

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