केशियर रूम से 2.50 लाख चोरी के आरोपी को 3 साल की कैद

केशियर रूम से 2.50 लाख चोरी के आरोपी को 3 साल की कैद

Dharmendra Kumar Ramawat | Publish: Sep, 08 2018 11:19:38 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

तहसील कार्यालय के लिपिक ने 2002 में अकाल राहत कार्यों के तहत श्रमिकों के भुगतान के लिए लाई थी राशि

सांचौर. अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश राजकुमार चौहान ने १६ वर्ष बाद तहसील कार्यालय से 2.40 लाख रुपए की चोरी के मामले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 3 साल का साधारण कारावास व 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले के अनुसार स्थानीय तहसील कार्यालय में कार्यरत लिपिक अरविन्द ने सांचौर थाने में रिपोर्ट पेश कर बताया कि 24 दिसम्बर 2002 को अकाल राहत कार्यों के तहत श्रमिकों के भुगतान को लेकर बैंक से आरआई व नायब तहसीलदार को अग्रिम राशि देने के लिए 2 लाख 40 हजार 300 रुपए लाया था। शाम करीब 6.45 बजे रुपयों से भरा बैग अलमारी में रखकर घर चला गया। अगले दिन 25 दिसम्बर को सवेरे करीब 10 से 11 बजे के बीच सरकारी काम से ऑफिस पहुंचा तो अलमारी का ताला टूटा हुआ पाया व अंदर बैग में रखी रकम गायब थी। जिस पर थानाप्रभारी ने प्रकरण के आधार पर लक्ष्मण भील के विरुद्ध अपराध धारा को प्रमाणित मान आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। परीक्षण करने पर आरोपी ने अभियोजन कहानी के सभी कथनों को गलत ठहराया, लेकिन साक्ष्य सफाई पेश नहीं करना जाहिर किया। बहस के दौरान अधिवक्ता अभियुक्त ने झूठा फंसाने की बात कहते हुए तथ्य दिया कि तत्कालीन तहसीलदार के यहां एक औरत आती थी, जिसे उसने देख लिया था। इस दुर्भावना से उसे प्रकरण में झूठा फंसाया है। उक्त प्रकरण में गवाह रामलाल ने बयानों में बताया कि 26 दिसम्बर 2002 को आरोपी लक्ष्मण के सरकारी क्र्वाटर के शयन कक्ष में अलमारी में रखे कपड़ों से 2 लाख 40 हजार 300 रुपए बरमद हुए थे। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर खेरडावरा पुलिस थाना माडीडेम (बांसवाड़ा) हाल सुतरसवार तहसील सांचौर निवासी लक्ष्मण भील पुत्र शंकर भील को दोषसिद्ध अपराध की धारा के तहत तीन वर्ष की साधारण कैद व 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे १ माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned