
सूखा पड़ा बालसमंद बांध, Photo- Patrika
Jalore Rain: भीनमाल। मानसून जुलाई व अगस्त माह गुजरने के बाद भी बांध व तालाबों को इन्द्रदेव की मेहरबानी का इंतजार है। पर्याप्त बरसात नहीं होने से शहर का बालसमंद बांध सूखा पड़ा है। जून माह में एक बार हुई मूसलाधार बरसात से बांध में कुछ पानी की आवक हुई थी, लेकिन उसके बाद मूसलाधार बरसात नहीं होने से बांध सूखा पड़ा है। भीनमाल क्षेत्र में अब तक 383 एमएम बरसात हुई है।
कम बरसात के चलते नदी-नालों में भी पानी का बहाव नहीं हो पाया है। ऐसे में बांधों व तालाबों में पानी की आवक नहीं हो पाई। बांध व तालाबों के सूखे रहने से क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर रिचार्ज नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्र में पेयजल संकट भी बढ़ेगा। दरअसल, शहर के बालसमंद बांध की भराव क्षमता 101 एमसीएफटी है। यह बांध पिछले पांच सालों से सूखा पड़ा है। 2022 में बिपरजॉय तूफान के दौरान बांध में पानी की आवक हुई थी, लेकिन उसके बाद बांध में पानी की आवक नहीं हो पा रही है।
शहर का बालसमंद बांध शहर सहित क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बांध के लबालब भरने से आस-पास के कुएं रिचार्ज होते है। बालसमंद बांध के आस-पास कृषि कुओं से शहरवासियों का टैंकरों के माध्यम से अमृत के समान मीठा पानी उपलब्ध होता है, लेकिन बांध सूखा रहने से शहर में लोगों को पेयजल संकट भी झेलना पड़ता है।
इस बार मानसून की बेरुखी से बांध व नाड़ी तालाबों में पानी की आवक नहीं हुई है। बालसमंद बांध भी सूखा है। बालसमंद बांध के भरने से शहरवासियों को टैंकरों के माध्यम से मीठा पानी उपलब्ध होता है, इस बार बांध सूखा पड़ा है। ऐसे में शहर में पेयजल संकट भी बढ़ेगा।
हरचंद चौहान, युवा
Published on:
25 Aug 2025 04:01 pm

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