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जालोर के पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल का निधन, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

जालोर विधानसभा के पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल का 92 वर्ष की उम्र में बुधवार को निधन हो गया। मेघवाल का अहमदाबाद में इलाज चल रहा था। गुरुवार को पैतृक गांव रेवतड़ा में उनका अंतिम संस्कार होगा।

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जालोर

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Kamal Mishra

Jan 28, 2026

Jalore MLA Death

पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल (फाइल फोटो-पत्रिका)

जालोर। जालोर विधानसभा क्षेत्र से MLA रह चुके रामलाल मेघवाल का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और पिछले कुछ दिनों से अहमदाबाद में उपचाररत थे। बुधवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से जिले की राजनीति में शोक की लहर फैल गई है।

परिजनों के अनुसार, रामलाल मेघवाल की तबीयत करीब एक साल से खराब थी। हालत गंभीर होने पर करीब 15 दिन पहले उन्हें इलाज के लिए जोधपुर ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों की सलाह पर अहमदाबाद रेफर किया गया। अहमदाबाद में सात दिन तक इलाज चला, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका।

कल निकलेगी अंतिम यात्रा

पूर्व विधायक का अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव रेवतड़ा में किया जाएगा। दोपहर करीब 3 बजे अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें राजनीतिक, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।

लंबा राजनीतिक सफर

रामलाल मेघवाल ने राजनीति में जमीनी स्तर से शुरुआत की थी। उन्होंने सरपंच डेलीगेट का चुनाव जीतकर सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद 1990 में कांग्रेस से टिकट मिलने के बावजूद वे चुनाव जीतने में असफल रहे।

वर्ष 1993 और 1998 में भी उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 2003 में कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हें प्रत्याशी बनाया, मगर उस समय चली भाजपा की लहर में उन्हें पराजय मिली।

कांग्रेस की टिकट पर बने विधायक

वर्ष 2008 में रामलाल मेघवाल ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए भाजपा प्रत्याशी जोगेश्वर गर्ग को करीब 17 हजार मतों से हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। हालांकि 2013 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2018 में पार्टी ने टिकट नहीं दिया, जबकि 2023 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अंतिम चुनाव लड़ा। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।

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