5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रीत गया नर्मदा का स्टॉक, अब अगले 7 दिन गहराएगा पेयजल संकट

करीब 10 दिन तक प्रभावित रहेगी शहर में पेयजल आपूर्ति, कम मात्रा में मिलेगा अब पानी
2 min read
Google source verification
jalore

करीब 10 दिन तक प्रभावित रहेगी शहर में पेयजल आपूर्ति, कम मात्रा में मिलेगा अब पानी

फैक्ट फाइल
- 30 से 35 लाख लीटर पानी सप्लाई के लिए उपलब्ध
- 40 लाख लीटर तक पानी की कटौती हुई
- 72 घंटे में एक बार हो रही सप्लाई
- 36 ट्यूबवैल से अभी हो रही पेयजल सप्लाई

जालोर. नर्मदा परियोजना में क्लोजर के पांच दिन बाद अब शहरी पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से पुराने जलस्रोत ट्यूबवैलों पर निर्भर है। करीब 40 लाख लीटर पानी की कमी से पेयजल आपूर्ति का शैड्यूल प्रभावित हुआ है और अब लगभग 72 घंटे में एक बार पानी क्षेत्र अनुसार उपलब्ध हो पा रहा है। इससे पहले क्लोजर लेने पर बागोड़ा और उम्मेदाबाद पंपिंग स्टेशन में करीब 50-50 लाख लीटर पानी का स्टॉक किया गया था, लेकिन यह पानी तीन दिन तक उपयोग में आया। जिसके बाद कुछ पानी उम्मेदाबाद टैंक में इमरजेंसी हालातों के लिए स्टॉक करने के साथ अब शहर की सप्लाई पूरी तरह से ट्यूबवैल से हो रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार अब अगले 7 दिन तक मुख्य रूप से पेयजल सप्लाई में व्यवधान के हालात बनेंगे और क्षेत्र अनुसार सप्लाई की मात्रा में भी कमी आएगी। क्लोजर 10 मई तक का है और निर्धारित समय में पानी की सप्लाई शुरू भी कर दी जाती है तो तैतरोल से पानी जालोर तक पहुंचने में 3 से 4 दिन का समय लग जाएगा।
36 ट्यूबवैल से हो रही सप्लाई
नर्मदा परियोजना की सप्लाई के दौरान भी 36 ट्यूबवैल से पानी जालोर को मिल रहा था, लेकिन वर्तमान में ये ट्यूबवैल मुख्य जल स्रोत है। विभागीय जानकारी के अनुसार इन सभी स्रोतों में वर्तमान में सर्वाधिक पानी कुआबेर से हो रही है। इस साल यहां 2 नए ट्यूबवैल खुदे हैं, जिनसे आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है। जबकि अन्य ट्यूबवैल से इतनी मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है।
पुराने ट्यूबवैल में घट रहा स्रोत
वर्ष 2018 में कम बारिश के बाद पेयजल स्रोतों पर विपरीत असर पड़ा। मुख्य रूप से ट्यूबवैलों में दोहन अधिक होने से जलस्तर में गिरावट आई। इन हालातों में कई ट्यूबवैल ड्राई हो गए। शहर को सप्लाई के लिए कुंआबेर, खानपुन, रणछोडनग़र में ट्यूबवैल थे। इनमें सर्वाधिक ट्यूबवैल रणछोडनग़र में 17 है, लेकिन इनसे 7 लाख लीटर के लगभग 24 घंटे में आपूर्ति हो रही है। दूसरी तरफ कुआबेर में वर्तमान में 10 ट्यूबवैल है, जिनसे 28 से 30 लाख लीटर तक पानी उपलब्ध हो रहा है। इस पानी से ही शैड्यूल अनुसार पानी की आपूर्ति हो रही है।
सप्लाई के लिए आधा पानी
30 अपे्रल तक नर्मदा परियोजना से जालोर शहर और गांवों समेत, बागोड़ा, सायला, आहोर को पानी मिल रहा था। प्रतिदिन परियोजना से 40 लाख लीटर तक पानी उपलब्ध था, लेकिन अब यह पानी नहीं मिल रहा। सीधे तौर पर 40 लाख लीटर पानी की कमी आई है और अब 30 से 35 लाख लीटर पानी पर ही शहर की पेयजल आपूर्ति निर्भर है।


इनका कहना
पेयजल आपूर्ति का शैड्यूल बहाल रखने का प्रयास किया जा रहा है। नर्मदा परियोजना से सप्लाई बंद होने के बाद अभी शहरी पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ट्यूबवैल पर निर्भर है। नर्मदा परियोजना से पुन: सप्लाई शुरू होने पर हालात सुधरेंगे।
- ताराचंद कुलदीप, एसई, जलदाय विभाग, जालोर


क्लोजर के बाद अभी परियोजना से पानी नहीं मिल रहा है। 10 मई तक नर्मदा परियोजना से पानी की आपूर्ति बंद रहेगी।
- आशीष द्विवेदी, एक्सईएन, नर्मदा परियोजना