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नेशनल हाइवे-325 पर मनमर्जी से चल रहा काम, कोई कहने वाला ही नहीं

इस नेशनल हाइवे में जालोर, आहोर में बनने हैं बाइपास, लेकिन काम शुरू नहीं
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इस नेशनल हाइवे में जालोर, आहोर में बनने हैं बाइपास, लेकिन काम शुरू नहीं

खुशालसिंह भाटी
जालोर. रफ्तार का पर्याय व ट्रेफिक रिलिफ का माध्यम माना जाने वाला नेशनल हाइवे-325 जालोर जिले के लिए एक बड़ी सौगात जरुर है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से पहले स्तर पर काम पूरा हो जाने के बाद भी पूरी तरह से फायदा नहीं मिल पाएगा।अभी इस नेशनल हाइवे के 132 किलोमीटर भाग में से मुख्य मार्ग निर्माण का काम चल रहा है। वहीं अभी बाइपास के लिए काम शुरूनहीं हो पाया है। जालोर की ही बात करें तो पहाड़पुरा जवाई नदी से शनिधाम के निकट से होकर गुजर रहे बाइपास के लिए मात्र 3-ए की कार्रवाई ही पूरी हो पाई है। लेकिन इस भाग पर बाइपास के लिए अभी तक धरातल पर किसी तरह का काम पूरा नहीं हो पाया है। इसी तरह के हालात जालोर जिले में आहोर कस्बे के निकट बनने वाले बाइपास के हैं। इन हालातों में मुख्य मार्ग पर हाइवे का काम पूरा होने के बाद भी ट्रेफिक लोड शहरी यातायात पर ही पड़ेगा, जिससे परेशानी जस की तस रहेगी।
इसलिए होगी दिक्कत
हाइवे के पैकेज-2 और पैकेज-3 पर काम चल रहा है, जो जालोर से जुड़े हैं। दोनों पैकेज पर मुख्य मार्ग पर हाइवे का काम चल रहा है और साल अंत तक मुख्य मार्ग पर यह काम पूरा भी हो जाएगा, लेकिन अभी तक बाईपास के लिए काम शुरूनहीं हो पाया है। जबकि इस नेशनल हाइवे में कुल ६ स्थानों पर बाईपास का निर्माण भी होगा। एनएच-325 में बाईपास ब्रह्मधाम, मोकलसर, सिवाना, जालोर, आहोर व दुजाना में बनेंगे। इस प्रोजेक्ट की कुल दूरी 46.02 किमी है।
500 मी. बनेगा पुल
बिशनगढ़ जवाई नदी पर पुल निर्माण के लिए बेस का काम चल रहा है। इसके लिए सेंड टेस्टिंग के साथ फाउंडेशन का काम चल रहा है। लेकिन इस पुल का निर्माण भी अभी साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। यह पुल 500 मीटर लंबा होगा और बिशनगढ़ नदी को क्रॉस करने के साथ इस पुल के आगे से ही रूट बाइपास की तरफ गुजरना प्रस्तावित है।
लगभग ३ साल तो आरओबी का चलेगा काम
इस हाइवे पर कुल 6 बाइपास है और जालोर शहर में भी एक बाइपास बनना है।साथ ही शनिधाम के निकट एक रेलवे ओवरब्रिज भी प्रस्तावित है। खास बात यह है कि एक आरओबी निर्माण में ही कम से कम 2 से 3 साल का समय लग जाएगा।ऐसे में बाइपास बन भी जाता है तो यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी सी-44 के निकट और बाइपास नहीं बनने तक सी-48 लेटा क्रासिंग पर लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
इनका कहना
& स्वीकृत प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और निर्धारित समयाविध में एजेंसी काम पूरा कर लेगी। अभी तक पैकेज-4 पर स्वीकृति नहीं मिली है। इसलिए काम अटका हुआ है।
- सुजानाराम विश्नोई, एईएन, पीडब्ल्यूडी, नेशनल हाइवे-बाड़मेर