
नाली निर्माण में भेदभाव का आरोप
जांजगीर-चांपा। Chhattisgarh News: नगरपालिका चांपा में गुरुद्वारा से लेकर तहसील तक 40 लाख 89 हजार रुपए की लागत से नाली निर्माण किया जा रहा है। जिसमें नगरवासियों ने नाली निर्माण में नगरपालिका के जिम्मेदारों पर भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने पहली नगरपालिका से गुजारिश की लेकिन जब नगरपालिका ने उनकी मांगों को नहीं सुनी तो मामले में फरियाद हाईकोर्ट से की है। इधर नपा ने कहा कि जिन्होंने अतिक्रमण किया है वे बेबुनियाद शिकायत कर रहे हैं।
नगरपालिका चांपा में शंकर नगर चौक से लेकर गुरुद्वारा तहसील रोड में 40 लाख 89 हजार रुपए की लागत से आरसीसी नाली निर्माण के लिए ई टेंडर निकाला गया था। नाली का निर्माण तीन माह में पूरा करने ठेकेदार को कहा गया था। लेकिन इस दौरान नाली निर्माण में कई तरह के पेंच का आरोप लग रहा है। अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने नाली निर्माण में कई तरह विसंगतियां बताते हुए इसका विरोध किया है। शिकायकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ठेकेदार व नपा के कर्मचारियों ने भेदभाव करते हुए अपने चहेतों के घरों से अतिक्रमण हटाए बिना ही नाली का निर्माण कर रहे हैं। वहीं विरोधियों के घरों के सामने से अतिक्रमण हटाकर नाली निर्माण के लिए चिंन्हांकित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि नाली के घुमावदार मोड़ से कोई सरोकार नहीं है। जो सर्वथा गलत व पक्षपात है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अपने लोगों को अनुचित लाभ देने के लिए टेढ़े मेढे़ नाली का निर्माण किया जा रहा है। वहीं नगरपालिका ने शिकायत को बेबुनियाद बताया है।
इस तरह होगी परेशानी...
गलत तरीके से नाली का निर्माण होने से गंदे पानी की निकासी सही सलामत नहीं हो पाएगी। वहीं नाली में जब पानी की निकासी नहीं होगी तो गंदा पानी ओवरफ्लो होकर घरों में समाएगा। जिससे लोगों को परेशानी होगी। इतना ही नहीं नाली में जब गंदे पानी का फ्लो सही सलामत नहीं बहेगा तो मच्छर पनपेंगे। जिससे लोगों को डायरिया मलेरिया सहित अन्य कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
याचिकाकर्ता ने यह दी दलील...
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता चांपा के अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने नाली निर्माण में विसंगतियां बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें कहा है कि यदि नाली का निर्माण सीधे तौर पर किया जाए। ताकि किसी को परेशानी न हो। यदि नाली टेढ़े मेढ़े बनेंगे तो गंदे पानी का फ्लो सही जाएगा। जिसे देखते हुए नाली का निर्माण सही किया जाए। यदि ऐसा नहीं होगा तो न्यायालय के आदेश की अवमानना होगी। इसकी सूचना सीएओ चांपा को भी दी गई है।
जिन्होंने सड़क किनारे अतिक्रमण किया है उन्हें ही नाली निर्माण में गड़बड़ी नजर आ रही है। नपा में बड़े-बड़े इंजीनियर हैं उनके निर्देशन में काम हो रहा है। सही काम होता है तो लोगों को गलत लगता है और वही शिकायत करते हैं। - जय कुमार थवाईत, अध्यक्ष, नगरपालिका चांपा
Published on:
21 Nov 2023, 4:13 PM IST
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