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पुलिस लाइन व थानों में की गई शस्त्रों की पूजा, एसपी, एएसपी समेत कर्मचारी हुए शामिल

- पूजा पाठ का दौर तकरीबन एक घंटे तक चला, मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की भीड़ रही

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पुलिस लाइन व थानों में की गई शस्त्रों की पूजा, एसपी, एएसपी समेत कर्मचारी हुए शामिल

पुलिस लाइन व थानों में की गई शस्त्रों की पूजा, एसपी, एएसपी समेत कर्मचारी हुए शामिल

जांजगीर-चांपा. दशहरा के दिन जिले के सभी थानों के अलावा पुलिस लाइन में शुक्रवार को शस्त्र की पूजा हुई। सभी थाना के प्रभारियों ने शस्त्र पूजा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। थाना में पूजा पाठ के बाद पुलिस ने दशहरा के दिन काम की शुरुआत की। दशहरा के दिन पुलिस विभाग अपने थानों के शस्त्रों की पूजा पाठ करती है। बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरा के दिन पुलिस विभाग में शस्त्र पूजा की परंपरा है। परंपरा का निर्वहन करते हुए हर थानों में शुक्रवार को विधि विधान से शस्त्रों की पूजा पाठ कराई गई।

थानों में जंग खाते शस्त्रों की साफ-सफाई कराकर पूजा स्थल बनाकर उसमें रखा गया। पंडित के द्वारा मंत्रोचार कर पूजा पाठ की गई। पुलिस लाइन में पूजा कराते हुए आरआई पुष्पलता ने बताया कि सुबह पंडित के द्वारा मंत्रोचार के साथ शस्त्रों की पूजा पाठ कराई गई। इस दौरान एसपी नीतु अग्रवाल, एएसपी पंकज चंद्रा, एसडीओपी उदयन बेहार, हेडक्वाटर्र डीएसपी निकोलस खलखो सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान पंडित के द्वारा एसपी नीतु कमल को विधि विधान से शस्त्र पूजा कराई गई। पूजा पाठ का दौर तकरीबन एक घंटे तक चला। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की भीड़ रही।

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इसी बहाने निकलती है शस्त्र
कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस को शस्त्र प्रदान कराई जाती है। अमूमन थानों में इंसास प्रदान किया जाता है। मैदानी क्षेत्र के थाने में रखे शस्त्र का उपयोग बहुत कम होता है। ये शस्त्र थानों में केवल शो-पीस बनकर रह जाते हैं। वहीं नक्सल क्षेत्र के शस्त्रों का उपयोग नियमित होता है। मैदानी क्षेत्र में सालों में कभी कभार शस्त्र का उपयोग होता होगा। दशहरा के दिन इसी बहाने शस्त्रों की साफ सफाई हो जाती है।