
CG Murder Case: नाबालिग प्रेेमिका को घर से भगाकर अनाचार करने और फिर गला दबाकर हत्या करने वाले हत्यारे युवक को विशेष न्यायाधीश बीआर साहू (पाक्सो एक्ट) के द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, 2 मार्च 2022 को थाना जैजैपुर में परिजनों ने नाबालिग लड़की के गुमशुदगी की सूचना दी गई कि 28 फरवरी की रात से उनकी लड़की को कोई बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। पुलिस विवेचना में जुटी थी कि अगले दिन 3 मार्च को चोरभट्ठी के डबरी तालाब में नाबालिग का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। तीन डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया जिसमें नाबालिग की हत्या होने की बात सामने आई। इस पर मामले में धारा 302 जोड़ी गई।
चोरभट्ठी के ग्रामीणों व परिजनों से लगातार पूछताछ की गई तब यह बात सामने आई कि चोरभट्ठी के रहने वाले युवक जवाहर चंद्रा और नाबालिग के साथ प्रेम प्रसंग था। इस पर जवाहर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया कि गला दबाकर उसकी हत्या की थी और लाश को डबरी में फेंक दिया था।
आरोपी को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र पुलिस ने न्यायालय में पेश किया जहां संपूर्ण साक्ष्य और गवाहों को सुनने के बाद दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश सक्ती बीआर साहू (पाक्सो एक्ट) के द्वारा आरोपी जवाहर चंद्रा पिता समारू राम चंद्रा साकिन चोरभट्ठी थाना जैजैपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पैरवी लोक अभियोजक राकेश महंत ने की।
आरोपी ने बताया कि उसके प्रेम प्रसंग के बारे में दोनों के घरवालों के अलावा पूरे गांव में बात फैल गई थी। इसके बाद उसने लड़की को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उसे घर से सुसाइड नोट लिखकर लाने कहा। 28 फरवरी की रात 1 बजे आरोपी नाबालिग के घर पहुंचा और बाड़ी से बाइक में बिठाकर अपने गांव के डबरी तालाब लेकर आया। यहां जबरदस्ती पहले दुष्कर्म किया।
लड़की ने भगाकर शादी करने की बात कही नहीं तो पुलिस में रिपोर्ट लिखाने की धमकी दी। जिससे फंस जाने के डर से हाथ से गला दबाकर हत्या कर दी। सुसाइड नोट को उसके लेगिस में डाल दिया और लाश डबरी में फेंक दी। मामले की बेहतर विवेचना के लिए थाना जैजैपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी गोपाल सतपथी का पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने सराहना की है।
Updated on:
24 Nov 2024 11:16 am
Published on:
24 Nov 2024 11:16 am
