
न तो पक्का मकान है और न ही कोई मजबूत ठिकाना, चुनाव लडऩे का ऐसा जुनून कि हर चुनाव में आजमाता है किस्मत
जांजगीर-चांपा. क्षेत्र में डंगचगहा के रूप में चर्चित मयाराम नट की कहानी सबसे जुदा है। अंचल में डंगचगहा के रूप में करतब दिखाकर मयाराम हमेशा सुर्खियों में बने रहना चाहता है। हर बार की तरह वे इस बार फिर विधानसभा जांजगीर-चांपा से चुनाव लड़ रहा। घर में रहने के लिए न तो पक्का मकान है और न ही कोई मजबूत ठिकाना।
नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम महंत में डंगचगहा के रूप में चर्चित मयाराम के पास चुनाव प्रचार के नाम पर मात्र चंद पांप्लेट व जुगाड़ का छोटा हाथी। इसके बल पर वह क्षेत्र के सौ से अधिक गांवों में चुनाव प्रचार कर रहा था। हर बार की तरह वह इस बार भी गुरुवार को विधानसभा का चुनाव जरूर लड़ रहा लेकिन वर्तमान के चुनाव के नियम कायदों से वह अनजान था। उसे नहीं पता था कि चुनाव के लिए सरकार अब क्या-क्या नियम कायदे बना चुकी है। वह पहले की तरह अपने पेशेवर अंदाज में छोटा हाथी में लाउड स्पीकर बजाकर करतब दिखाते हुए चुनाव प्रचार कर रहा था। जिस पर प्रशासन की नजर पड़ी और जांजगीर के पेंड्रीभांठा के एसएसटी टीम ने उसे पकड़ लिया।
एसएसटी टीम ने उसे नियम कायदे की पाठ पढ़ाई लेकिन उसके पास किसी तरह के कागजात नहीं थे। इसके चलते उसके वाहन को जब्त कर लिया गया है। अब वह साइकिल से चुनाव प्रचार करने मजबूर है। अपने समाज के दो-चार समर्थकों के साथ वह घूम-घूमकर वह वोट मांग रहा है।
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लोक सभा में भी आजमाया था किस्मत
मूलतरू समाज का कर्णधार मानें जाने वाले मयाराम नट समाज का जिलाध्यक्ष भी है। वह इससे पहले लोकसभा विधानसभा व अन्य कई तरह का चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुका है, इससे पहले वह दो बार लोक सभा व दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुका। नट समाज को आरक्षण का लाभ देने के लिए वह कई बार जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन भी किया है। वे लगातार सुर्खियों में बने रहना चाहता है।
Published on:
16 Nov 2018 06:54 pm
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