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डाक मतपत्र से वोट देने भटक रहे थे कर्मचारी, मीडिया के दखल के बाद डाल पाए वोट

- सक्ती क्षेत्र के रिटर्निंग अफसरों की कार्यशैली हुई उजागर

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डाक मतपत्र से वोट देने भटक रहे थे कर्मचारी, मीडिया के दखल के बाद डाल पाए वोट

डाक मतपत्र से वोट देने भटक रहे थे कर्मचारी, मीडिया के दखल के बाद डाल पाए वोट

जांजगीर सक्ती. सक्ती विधानसभा के दर्जनों कर्मचारी शुक्रवार को उस वक्त भटक रहे थे जब उन्हें सक्ती क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर व तहसीलदार ने उन्हें समय समाप्त हो गया कहकर चलता कर दिया था। देखते ही देखते 40 से 50 किलोमीटर का सफर तय कर सक्ती गए कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा पत्रिका को बताई। पत्रिका की टीम जब कर्मचारियों से पूछताछ कर रही थी, इस दौरान अफसरों को इस बात की भनक लगी कि यहां बात मीडिया तक पहुंच चुकी है तब अधिकारी हरकत में आए और कर्मचारियों को डाक मतपत्र प्रदान किया। कर्मचारी अपने मतों का प्रयोग किए और राहत की सांस ली।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन कर्मचारियों को डाक मतपत्र की सुविधा प्रदान की है जिनकी ड्यूटी 20 नवंबर को निर्वाचन में लगी है। यह सुविधा तीन दिन पहले से प्रदान की गई है। कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार डाक मतपत्र का प्रयोग कर रहे हैं। शुक्रवार को सक्ती विधानसभा के तकरीबन एक दर्जन कर्मचारी डाक मतपत्र से वोट करने के लिए सक्ती के अग्रसेन चौक स्थित मतदान केंद्र पहुंचे थे। यहां रिटर्निंग अफसर नायब तहसीलदार को बनाया गया है।

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कर्मचरी सुबह से यहां वोट करने पहुंचे थे, लेकिन रिटर्निंग अफसर ने उन्हें यह कहकर चलता कर दिया था कि अब डाक मतपत्र से वोट करने का समय समाप्त हो चुका है। कर्मचारी अफसरों से लगातर दो से तीन घंटे तक विनती करते आ रहे थे लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही थी। आखिरकार कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने मामले की सूचना पत्रिका को दी। पत्रिका टीम मौके पर पहुंची और कर्मचारियों का दुखड़ा सुन रहा था। इस बात की भनक तहसीलदार तक पहुंच गई। तहसीलदार ने कर्मचारियों को बुलाया और डाक मतपत्र के माध्यम से उन्हें वोट करने का मौका दिया।