
नाराज शिक्षक मुरली मनोहर शर्मा आमरण अनशन पर
जांजगीर-चांपा. पामगढ़ स्थित शासकीय महामाया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 31 मई से दो जून तक हुई डीएलएड की परीक्षाओं में हुए नकल के प्रकरण में सही जांच न होने से नाराज शिक्षक मुरली मनोहर शर्मा आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
10 अगस्त से अन्न-जल त्याग कर बैठे इस शिक्षक की तीसरे दिन तबीयत अधिक बिगडऩे से जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बॉटल चढ़ाने के साथ अन्य उपाचर किया। शिक्षक के साथ आमरण अनशन में अब छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इब्राहिम मेमन भी 13 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
इब्राहिम ने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि वह सच की लड़ाई लडऩे वाले हर सख्स के साथ हैं। उनका कहना है कि भाजपा शासन में प्रशासनिक अधिकारी भी भ्रष्टाचारियों का खुलकर साथ दे रहे हैं, लेकिन इस लड़ाई में उन्हें सच का साथ देना पड़ेगा।
एक तरफ जहां शिक्षक मुरली शर्मा की तबीयत बिगड़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले के कलेक्टर भी उससे न मिलने की ठाने हुए है। मुरली शर्मा से मिलने जहां अन्य अधिकारी पहुंच चुके हैं वहीं कलेक्टर अब तक उससे मिलने नहीं पहुंचे हैं। जबकि शिक्षक का कहना है कि वह इस संबंध में कलेक्टर का आश्वासन ही चाह रहा है कि वह इस मामले की सही जांच कराएंगे और राजेंद्र शुक्ला जो कि पिछले लगभग 10 सालों से एक ही जगह पदस्थ है उसका स्थानांतरण दूसरी जगह करेंगे। यह आश्वासन यदि उसे मिल जाता है तो वह आमरण अनशन तोडऩे को तैयार है।
प्रशासनिक अराजकता से परेशान
अनशन पर बैठे शिक्षक मुरली शर्मा का कहना है कि प्रशासनिक अराजकता पूरे राज्य सही जिले में भी हावी है। उसने कहा कि यदि कोई गरीब किसी अधिकारी या बड़े आदमी को फोन पर धमकी देता तो वह अभी तक सलाखों के पीछे होता, लेकिन यदि कोई पहुंच वाला व्यक्ति चाहे कितने ही कानून न तोड़ दे प्रशासनिक अधिकारी न्याय की लड़ाई लडऩे वाले गरीब से साक्ष्य मांगते हैं।
जो साक्ष्य दिए भी जा रहे हैं उनकी फोरेंसिक जांच न कराते हुए दूसरे साक्ष्य मांग कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। शर्मा का कहना है कि वह काफी दुखी है और यदि ऐसा ही चलता रहा तो जब एक गरीब सड़क पर उतरेगा तो उसे संभालने की हिम्मत न तो पहुंच वाले अमीर व्यक्ति में होगी और न शासन व प्रशासन की।
Published on:
13 Aug 2018 12:33 pm
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