25 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Exclusive- रिटायरर्ड इंजीनियर को सौंप दी सड़क की जिम्मेदारी, गुणवत्ता से अधिक कमीशन पर ध्यान

निर्देश के बाद भी पुरानी का डामर बेस नहीं हटाया जा रहा

3 min read
Google source verification
निर्देश के बाद भी पुरानी का डामर बेस नहीं हटाया जा रहा

निर्देश के बाद भी पुरानी का डामर बेस नहीं हटाया जा रहा

जांजगीर-चांपा. राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ रोड डवलपमेंट कर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीआरडीसी) का गठन शादय भ्रष्टाचार की चरम सीमा क पार करने के लिए बनाया है।

इसीलिए इसमें गुणवत्ता निगरानी की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड इंजीनियर व अन्य रिटायर्ड अधिकारियों को दे दी गई है। जो गुणवत्ता से अधिक इस पर ध्यान दे रहे हैं कि कैसे अधिक कमीशन मिलेगा। इसका जीता जागता प्रमाण सीपत बलौदा उरगा मार्ग है। इस सड़क के निर्माण के लिए शासन ने 90.73 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।

इस सड़क को पूरी तरह से खोदकर वहां मानक के मुताबिक मिट्टी व मुरुम फिल कर नया बेस तैयार करना है उसके बाद सड़क बनाना है, लेकिन हकीकत यह है कि ठेकेदार बेस तो दूर पुरानी सड़क का डामर भी सही से नहीं उखाड़ रहा है। उसी के ऊपर मिट्टी मुरुम डालकर रोलर चला दे रहा है और सड़क निर्माण कर रहा है। इससे वह बेस को उखाडऩे और उसकी जगह नई मिट्टी मुरुम फिल करने में आने वाले करोड़ के खर्च को बचा कर खुद और अधिकारियों के बीच बंदरबांट कर रहा है।


41.26 किलोमीटर लंबे सीपत बलौदा उरगा मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी दो ठेकेदार मेसर्स तिरुपति बिल्डकॉन लिमिटेड और मेसर्स सुनील कुमार अग्रवाल को सौंपी गई है। यह निर्माण सीजीआरडीसी के द्वारा कराया जा रहा है। राज्य भर में सीजीआरडीसी के द्वारा कराए जा रहे सभी निर्माण मानक के मुताबिक हों इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड ईएनसी जीएस सोलंकी को दी गई है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी के ईई एसडीओ और कुछ इंजीनियरों को सिर्फ इसलिए रखा गया है

कि वह निर्माण की मॉनीटरिंग करें, लेकिन ठेकेदार उनकी बात माने या न माने वह उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। इससे साफ की घटिया निर्माण करने पर ठेकेदार के ऊपर यदि कोई सख्ती बरत सकता है तो वह सिर्फ कार्पोरेशन के प्रमुख सीजीएस सोलंकी या फिर इसके सचिव अनिल राय। ऐसे में ठेकेदार फील्ड में दौड़ रहे इंजीनियरों की आंख के आगे घटिया काम कर रहा है।

निगरानी नहीं कर रही कंसलटेंट कंपनी
सीजीआरडीसी द्वारा जितने भी कार्य कराए जा रहे हैं उन कार्यों की निगरानी के लिए एक कंसलटेंट एजेंसी भी तय की गई है, लेकिन एजेंसी के द्वारा एक भी निगरानी कार्य नहीं हो रहा है। हालत यह है कि सड़क का निर्माण जितने अमानक तरीके से हो रहा है उसे देखकर लोगों का कहना है कि वह अधिक दिन नहीं टिकेगी। लोग तो अब इसे चुनावी सड़क के नाम से पुकारने लगे हैं।

बिना सड़क उखाड़े धड़ल्ले काम जारी
सीपत से लेकर बलौदा तक तो ठेकेदार बिना पुरानी रोड उखाड़े मिट्टी पहले फिल कर चुका है और पत्रिका की खबर के बाद अधिकारियों ने कई जगह सड़क उखाडऩे का दिखावा भी किया, लेकिन यह अभी भी जारी है। अभी ठेकेदार पंतोरा के जंगल के पास से गुजरी रोड़ में मिट्टी फिल करने का काम कर रहा है। वहां भी पुरानी सड़क और उसके बेस को बिना उखाड़े ही उसके ऊपर मिट्टी व मुरुम डाल कर रोलर चलाया जा रहा है। इससे साफ है कि इस कार्य को करने में उच्चाधिकारियों की भी पूरी मिलीभगत है।

पुराना बीटी मटेरियल पूरी तरह से निकालना है
ठेकेदार को पुराना बीटी मटेरियल पूरी तरह से निकालना है उसके बाद ही उसके ऊपर मिट्टी फिल करना है। यदि वह ऐसा कर रहा है तो यह गलत है। इस पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-जीएस सोलंकी, सीई, सीजीआरडीसी

बिना सड़क उखाड़े मिट्टी फिल किया
ठेकेदार ने पहले बिना सड़क उखाड़े मिट्टी फिल किया था, जिसे उखड़वाया गया था। आगे भी यह स्थिति है तो इसकी जांच की जाएगी। हमारे द्वारा समय-समय पर निर्माण कार्य की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाती है। आगे कार्यवाही का अधिकार उन्हीं को है।
-एसके सतपथी, एसडीओ, सीजीआरडीसी

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग