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Video- ट्रैक्टर भाड़े के लिए किसान जनपद कार्यालय का काट रहा चक्कर, सीईओ सिर्फ दे रहा आश्वासन, जानें क्या है माजरा…

- दुर्ग के कार्यक्रम में देश भर के लोग आए थे। भीड़ जुटाने के लिए जांजगीर से भी ट्रैक्टर भरकर लोग दुर्ग गए थे।

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ट्रैक्टर भाड़े के लिए किसान जनपद कार्यालय का काट रहा चक्कर, सीईओ सिर्फ दे रहा आश्वासन, जानें क्या है माजरा...

ट्रैक्टर भाड़े के लिए किसान जनपद कार्यालय का काट रहा चक्कर, सीईओ सिर्फ दे रहा आश्वासन, जानें क्या है माजरा...

जांजगीर-चांपा. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने ट्रैक्टर लेकर दुर्ग गया बम्हनीडीह का किसान अब ट्रैक्टर के भाड़े के लिए जनपद कार्यालय का चक्कर काटते थक गया, लेकिन माह भर बाद भी उसके ट्रैक्टर भाड़े का भुगतान नहीं हो रहा है। जनपद सीईओ के द्वारा केवल उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है। ट्रैक्टर मालिक का आरोप है कि उससे सीईओ कमीशन की मांग कर रहे हैंए कमीशन नहीं देने के चलते उनकी राशि का भुगतान नहीं हो रहा है।

किसी बड़े नेताओं के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए नेता किस कदर मेहनत करते हैं। वहीं कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वाहनों के किराए व अन्य बिलों के भुगतान करने किस कदर हीलाहवाला करते हैं इसका जीता जागता उदाहरण बम्हनीडीह जनपद से अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल बीते माह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुर्ग आए थे। दुर्ग के कार्यक्रम में देश भर के लोग आए थे। भीड़ जुटाने के लिए जांजगीर से भी ट्रैक्टर भरकर लोग दुर्ग गए थे।

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बम्हनीडीह जनपद सीईओ मुकेश रावटे भी कार्यक्रम में भीड़ जुटाने व शौचालय के डेमों की प्रदर्शनी के लिए बम्हनीडीह से एक ट्रैक्टर लोगों को ले गए थे। टै्रक्टर ओंकार प्रसाद का था। काम होने के बाद अब ट्रैक्टर मालिक ओंकार प्रसाद जनपद सीईओ का चक्कर काटते थक जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भाड़ा नहीं मिल पा रहा है। ओंकार प्रसाद का आरोप है कि सीईओ बिल के भुगतान के लिए उनसे कमीशन की मांग कर रहे हैं। यही वजह है कि उनका बिल अब तक पेंडिंंग है।

कर्ज से लदा किसान
किसान ओंकार प्रसाद का कहना है कि वह लोन के माध्यम से हाल ही में ट्रैक्टर खरीदा है। वह लोन की किस्त भी ठीक ढंग से नहीं भर पा रहा है, उसे शासकीय कार्य में ट्रैक्टर का इस्तेमाल होने से उम्मीद थी कि समय पर भाड़ा मिल जाएगा, लेकिन शासकीय कार्य में ट्रैक्टर लगाकर उल्टे फंस गया। उसका 13 हजार 300 का बिल माह भर से फंसा है, लेकिन बिल को सीईओ लटका दिए हैं। इसके चलते उसकी माली हालत खराब है।

-किसान के ट्रैक्टर के भाड़े का बिल जिला पंचायत सीईओ के पास भेज दी गई है। बिल पास होने के बाद किसान को भुगतान कर दिया जाएगा। कमीशन का आरोप बेबुनियाद है- मुकेश रावटे, सीईओ, जपं बम्हनीडीह