
बिर्रा गोलीकांड : घिवरा के मंडी अध्यक्ष को मारने दी थी डेढ़ लाख रुपए की सुपारी, पांच आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
जांजगीर-चांपा. घिवरा के मंडी समिति के अध्यक्ष संतोष कश्यप को गोली मारने वाले आरोपियों का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गुरुवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी जिसने डेढ़ लाख की सुपारी लेकर गोली चलाई थी, वह फरार है। गोली चलाने वाला शहडोल का सोनू उर्फ कौशल बरगाही आदतन बदमाश है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस कांफे्रंस लेते हुए एसपी नीतु कमल एवं एएसपी पंकज चंद्रा ने पत्रकारों को बताया कि ३० जून को घिवरा के मंडी समिति के अध्यक्ष संतोष कश्यप को गोली मार कर हत्या का प्रयास किया गया था। आरोपी अपने मंसूबे पर कामयाब नहीं हुए थे। गोली चली जरूर थी, लेकिन संतोष कश्यप बच निकले थे। हत्या के प्रयास की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। जांच पड़ताल के दौरान पता चला था कि संतोष कश्यप द्वारा उनकी ही मंडी में कुसत चंद्रा एवं मनोज कश्यप के साथ कुछ मामले को लेकर विवाद हो गया था।
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इस आधार पर पुलिस जांच कर रही थी। जांच के दौरान दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पता चला कि कुसत चंद्रा ने अपने मंडी प्रबंधक से सैल्समेन पद पर डिमोशन एवं मनोज कश्यप ने अपने आमदनी में रुकावट पैदा कर आर्थिक नुकसान हो रहा था। जिसे लेकर उसके मन में दुश्मनी थी। कुसत एवं मनोज द्वारा शिवरीनारायण के छेदी लाल कश्यप से संतोष कश्यप को जान से मारने के लिए संपर्क किया था। कुसत और मनोज को इस काम के लिए सुपारी किलर की तलाश की।
सुपारी किलर ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय किया। इस काम के लिए उन्होंने शहडोल के नरेंद्र तिवारी और सोनू उर्फ कौशल बरगाही से संपर्क किया। सोनू आदतन बदमाश है और उसके खिलाफ लूट व हत्या के कई मामले दर्ज है। संतोष को मारने के लिए पहली किस्त ७० हजार रुपए देकर जिम्मेदारी सौंपी। वहीं बतौर कमीशन छेदी लाल को १० हजार रुपए दिए थे। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार ३० जून को सोनू और नरेंद्र बाइक से शिवरीनारायण आकर संजय यादव से मुलाकात किए। सोनू के पास कट्टा था और नरेंद्र के पास कोई हथिया नहीं था।
संजय यादव ने नरेंद्र को अपना एयरगन दे दिया। एयरगन किसी को डराने का काम आएगा कहकर दिया था। दोनों वारदात को अंजाम देने आए थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए। आरोपियों ने वापस होते हुए एयरगन को संजय यादव को वापस कर दिया और काम नहीं होने की बात कही। तब संजय यादव ने दोनों को बाहर भाग जाने की सलाह दी। जिसपर दोनों भाग निकले। उक्त प्रकरण में संजय यादव के कब्जे से पुलिस ने १२ हजार रुपए और एक एयरगन, नरेंद्र से पांच हजार, छेदीलाल के कब्जे से तीन हजार जब्त कर लिया है। घटना में शामिल पांच आरोपी कुसत, मनोज, छेदीलाल, संजय और नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मास्टरमाइंड सोनू फरार है।
पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा ३०७, १२० बी, २५-२७ आम्र्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल दाखिल किया गया है। मामले की गुत्थी सुलझाने में चांपा एसडीओपी उदयन बेहार, क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय चौधरी, एएसआई मुकेश पांडेय सहित उनकी टीम का योगदान था। एसपी नीतु कमल ने उक्त टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है।
Published on:
17 Aug 2018 01:13 pm
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