
जांजगीर-चांपा. महतारी जतन योजना, जननी सुरक्षा योजना सहित कई तरह की योजनाओं के तहत हर माह के 9 तारीख को प्रसुताओं की शासकीय अस्पतालों में विशेष तौर पर जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसके तहत महतारी एक्सप्रेस के माध्यम से प्रसुताओं को सरकारी अस्पताल तक लाया जाता है। वहीं महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से प्रसुताओं को निजी अस्पताल तक पहुंचना पड़ा, जिसके चलते प्रसुताओं को एक हजार से 15 सौ रुपए तक खर्च वहन करना पड़ा।
सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कई तरह की योजनाओं का संचालन करती है। इसके पीछे सरकार का करोड़ों रुपए खर्च होता है, लेकिन इन दिनों महतारी एक्सप्रेस व संजीवनी एक्सप्रेस के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है।
कुछ इसी तरह की परेशानियों से मितानिनों को सोमवार को दो चार होना पड़ा। अकलतरा ब्लाक के पड़रिया की मितानिन ने बताया कि उसे गांव की प्रसूता को जांच के लिए शिविर तक पहुंचाना था। उसने महतारी एक्सप्रेस को कॉल किया, लेकिन महतारी एक्सप्रेस उपलब्ध नहीं हो पाया, जिसके चलते उसे निजी साधन से 12 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल तक पहुंचना पड़ा। इसके लिए उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसी तरह अकलतरा ब्लाक के मानकिन बाई ने बताया कि उसे गांव की प्रसूता को जांच के लिए शिविर तक पहुंचाने के लिए महतारी एक्सप्रेस को बुलाया, लेकिन महतारी एक्सप्रेस नहीं पहुंच पाया। इसके बाद उसने संजीवनी एक्सप्रेस को बुलाया। संजीवनी एक्सप्रेस भी उपलब्ध नहीं हो पाया।इसके चलते उसे निजी साधन से अस्पताल तक पहुंचना पड़ा, जिससे उसे एक हजार से पंद्रह सौ रुपए खर्च आए। मानकिन बाई ने बताया कि सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावे करती है, लेकिन दावे खोखले साबित होते हैं। जिसके चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Published on:
09 Apr 2018 02:48 pm
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