
6.60 लाख रुपए देखकर मुंशी की नीयत हुई खराब, पुलिस को बताई लूट की झूठी कहानी, cctv से हुआ खुलासा
जांजगीर-चांपा.एक मालिक को मुंसी के ऊपर अत्यधिक विश्वास करना उस वक्त महंगा पड़ गया जब मुंसी ने बड़ी रकम देखकर अपनी नीयत ही खराब कर ली और लूट की मनगढ़ंत कहानी बना डाली। इसके लिए वह अपने दो दोस्तों का सहारा लिया और लूट की झूठी वारदात कराने कामयाब हो गया, लेकिन पुलिस ने मुंसी के मंसूबे पर पानी फेर दिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने मुंसी से राज उगलवा दिए। लूट की पूरी कहानी गलत निकल गई।
अपराध के बढ़ते मामले में दागदार जांजगीर चांपा जिले में एक नई कहानी जुड़ गई है। पुलिस की छवि धूमिल करने वाले कोई और नहीं बल्कि जिले की जनता ही है। कहीं बदले की भावना ने बीते तीन माह में 8 लोगों की अवैध शराब से जान चली गई। वहीं लोग बड़ी रकम देखकर लूट की झूठी कहानी भी गढ़ी जा रही है।
अकलतरा के एक मामले में बुधवार को लूट की बड़ी कहानी गढ़ी गई। जिसमें तथाकथित पीड़ित ही आरोपी निकल गया। एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि प्रार्थी राखी राम कश्यप निवासी सिंधुल हाल मुकाम अकलतरा चौक थाना अकलतरा 6 सितंबर को थाना अकलतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दुकान ट्रेडिंग कंपनी में बुधवार की सुबह 9 बजे खोलकर बैठा था। तकरीबन 10.45 बजे दो व्यक्ति हेलमेट लगाकर आफिस अंदर घुस गए तथा कट्टा दिखाकर मिर्च पाउडर डालकर 6.60 लाख रुपए नगदी रकम को लूटकर ले गए।
मामले की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 392, 34 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आसपास के लोगों को घटना के संबंध में बारिकी से पूछताछ की गई।
जो प्रार्थी राखीराम के बयान एवं रिपोर्ट में विरोधाभाष होने से ट्रेडिंग कंपनी के मालिक ब्यास कश्यप के कथन से आरोपी प्रार्थी राखीराम के द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट संदेहास्पद एवं झूठा प्रतीत होने पर आरोपी से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई जो अपने दो अन्य साथी के साथ मिलकर अपराधिक षडयंत्र कर कंपनी के मालिक व्यास कश्यप के पैसा को गबन करने के नीयत से लूटपाट की घटना को अंजाम दिलवाना पाया गया। तयशुदा प्लान के मुताबिक काम होने से नगदी 2.60 लाख रुपए को अपने साथी को देना तथा 4 लाख रुपए को आरोपी प्रार्थी द्वारा अपने घर में रख लिया।
जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। विवेचना के दौरान धारा 420, 409, 120 बी, 177, 182 भादवि जोड़ी गई है। उक्त कार्रवाई में डीएसपी जांजगीर शैलेन्द्र पांडेय निरीक्षक सत्यकला रामटेके सउनि अरुण सिंह, आर. प्रदीप दुबे, राघवेन्द्र घृतलहरे, बृजपाल बर्मन का योगदान रहा।
Updated on:
08 Sept 2023 03:51 pm
Published on:
08 Sept 2023 03:51 pm
