
इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती है
जांजगीर-चांपा. जांजगीर शहर यूं तो शांति और सुकून वाला शहर माना जाता है, लेकिन यहां के व्यापारी मुनाफा के आगे लोगों की सुख सुविधा को भूल जा रहे हैं। इनके द्वारा अपनी दुकान के आगे सड़क तक समान लगा दिया जाता है।
इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती है और लोगों की मौत तक हो रही है। दुर्भाग्य से इन मौतों के बाद भी व्यवस्था सुधारने के लिए जिम्मेदार नगर पालिका व पुलिस प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा है। शहर की हार्ट लाइन कही जाने वाली नैला रेलवे क्रासिंग से लेकर पुलिस पेट्रोल पंप खोखरा तक की रोड का आलम यह है कि यहां कब किसकी जान चली जाए किसी को पता नहीं है।
यहां हर दिन हर रोज एक-दो सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं के लिए जितना जिम्मेदार गलत तरीके से वाहन चलाने वाले हैं उससे अधिक जिम्मेदार इस सड़क के किनारे बड़ी-बड़ी दुकान खोलकर बैठे व्यापारी हैं। व्यापारियों को चाहिए कि वह अपनी दुकान की हद में ही समान रखें लेकिन वह सड़क की पटरी में दकान का बोर्ड लगाते हैं और उसके बाद समान रख देते हैं। इस जाम में जिले के कलेक्टर एसपी से लेकर अन्य बड़े आधिकारी भी फंसते हैं, लेकिन इसके निराकरण के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शहर में जिला प्रशासन यहां के व्यापारियों और अतिक्रमणकारियों के सामने पंगु नजर आ रहा है।
इसका जीता जागता उदाहरण कुछ महीने पहले पालिका और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई है। पुलिस प्रशासन ने पालिका की टीम के सहयोग कचेहरी चौक से नेताजी चौक तक का अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन दूसरे दिन ही स्थिति जस की तस हो गई। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही पालिका प्रशासन की दिखाई दे रही है।
-राजस्व अधिकारियों सहित पालिका की टीम को बुलाकर नैला रेलवे स्टेशन सहित इस पूरी सड़क का सीमांकन कराया जाएगा। अतिक्रमण वाले स्थान को मुक्त कराकर वहां पीली लाइन या दूसरे उपए किए जाएंगे, जिससे दोबारा यहां अतिक्रमण न हो सके। जल्द ही इसके लिए पुलिस प्रशासन बड़ा अभियान चलाएगा।
-नीतु कमल, एसपी, जांजगीर-चांपा
Published on:
04 Jul 2018 11:56 am
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