8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

50 लाख का सोलर पैनल यहां महज शोपीस की तरह है रखा… नहीं आता किसी के काम

जिला अस्पताल में बिजली गुल होते ही अंधेरा

2 min read
Google source verification
जिला अस्पताल में बिजली गुल होते ही अंधेरा

जिला अस्पताल में बिजली गुल होते ही अंधेरा

जांजगीर-चांपा. जिला अस्पताल में बिजली की समस्या से निपटने तीन साल पहले 50 लाख रुपए की लागत से सोलर सिस्टम लगाया गया है।

उसने चंद दिनों में ही दम तोड़ दिया है। इसके चलते जिला अस्पताल में बिजली गुल होते ही अंधेरा छा जाता है। इसके चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सोलर सिस्टम को ठीक करने के लिए सिविल सर्जन ने के्रडा के अधिकारियों को कई बार लेटर लिखा है, लेकिन क्रेडा के अधिकारी इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठा रहे हैं। इसका खामियाजा जिला अस्पताल के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।


बारिश के दिनों में बिजली गुल होना आम बात होती है। दफ्तर हो या घर सभी जगह लोग इस समस्या से परेशान हैं। जिला अस्पताल भी इससे अछूता नहीं है। जिला अस्पताल में बिजली जाने से मरीजों व इलाज की व्यवस्था में कोई परेशानी न हो इसके लिए यहां 50 लाख रुपए की लागत से सोलर सिस्टम लगाया गया था।

के्रडा ने इस सिस्टम को दो साल की गारंटी के साथ लगाया है, लेकिन यह साल भर के भीतर ही दम तोडऩे लगा। इन दिनों हल्की बारिश में ही बिजली गुल होना आम हो चुका है। बिजली गुल होने पर सोलर सिस्टम की बिजली से अस्पताल को रोशन होना चाहिए, लेकिन यह किसी काम का नहीं है।

बताया जा रहा है कि सोलर सिस्टम की बैटरी खराब हो चुकी है। इसके चलते सिस्टम काम नहीं कर रहा है। सिस्टम को ठीक करने के लिए जिला अस्पताल के सीएमएचओ ने क्रेडा के अफसरों को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते मरीजों को रात को अंधेरे में बिताना पड़ रहा है।

Read more : सिगरेट का एक कश लगाने दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद, एक ने दूसरे पर चलाया चाकू


इनवर्टर की क्षमता भी सीमित
जिला अस्पताल में बिजली गुल की समस्या से निपटने के लिए सोलर सिस्टम के अवाला दूसरा विकल्प यहां हाई पावर के लगाए गए इनवर्टर हैं। लेकिन यह इनवर्टर केवल ब्लड बैंक व आपरेशन थिएटर के लिए लगाया गया है। इसकी क्षमता कम होने के कारण अन्य वार्डों में इसकी विद्युत सप्लाई नहीं दी जा सकती है। इसके चलते अन्य वार्डों में अंधेरे का आलम रहता है। यदि अन्य वार्डों के लिए भी इनवर्टर लगा दिया जाए तो निश्चित तौर पर यहां के मरीजों को बिजली गुल की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ता।


अपराधी हुए सक्रिय
अस्पताल में सैकड़ो मरीज भर्ती रहते हैं। यहां सामान्य मरीजों के अलावा ऐसे भी संदिग्ध मरीज रहते हैं जो जेल के बंदी हैं और अपराध कारित किए रहते हैं। ऐसे मरीजों को सम्हालना पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी से कम नहीं रहता। ऐसे में रात को मरीजों को दहशत बना रहता है। रात को कई तरह की अनहोनी की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं कई बार यहां जेब कतरे सहित अन्य चोरी के आरोपी व अन्य किस्म के लोग आ जाते हैं और मरीजों का सामान चोरी कर ले जाते हैं।


-जिला अस्पताल के छत में हाई पावर सोलर सिस्टम लगाया गया है। पिछले कुछ महीनों से वह सिस्टम बिगड़ा पड़ा है। इसके लिए क्रेडा के अफसरों को कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी सिस्टम में सुधार नहीं हो रहा है।

इसके चलते मरीजों को रात को बिजली गुल होने पर अंधेरे में रहने के साथ ही कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे का फायदा उठाने के लिए यहां नशेड़ी किस्म के लोगों का भी जमावड़ा हो रहा है।
-डॉ. यूके मरकाम, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, जांजगीर-चांपा