
सीपत बलौदा उरगा मार्ग में घटिया निर्माण का मामला
जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ रोड डवलपमेंट कर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीआरडीसी) के द्वारा 90.73 करोड़ रुपए रुपए की लागत से सीपत से बलौदा होते हुए उरगा तक 41.26 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में निर्माणकर्ता ठेकेदार सुनील कुमार अग्रवाल ने जमकर लापरवाही बरती है।
उनके द्वारा लगातार हिदायत देने के बाद भी लगातार घटिया कार्य किया जा रहा है। इसे देखते हुए उप परियोजना प्रबंधक सीजीआरडीसी जांजगीर एसके सतपथी ने इस बारे में इंफ्रा प्रोजेक्ट पाईवेट लिमिटेड भोपाल मध्य प्रदेश के टीम लीडर एलएन मालवीय को पत्र लिखकर ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में बरती गई ठेरों कमियां के बारे में बताते उसे सुधारवाने के लिए लिखा है।
सीपत बलौदा उरगा मार्ग के निर्माण को लेकर ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाहियों और कमियों को पत्रिका द्वारा लगातार उठाया गया। लगातार प्रकाशित खबरों पर कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने भी संज्ञान लिया और वह खुद तपती धूप में बलौदा सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर ने भी इस दौरान कई कमियां देखीं और ठेकेदार व अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उप परियोजना
प्रबंधक एसके सतपथी को जांच सुधार कार्य कराने को कहा। इस पर एसडीओ सतपथी ने पूरी रोड का बारीकी से निरीक्षण कर जांच की। इस दौरान ठेकेदार जांच पर सवाल न उठा सके इसके चलते उनके साथ पूरे समय ठेकेदार का एपीएम मोहित कुमार व पीएम (सी) की ओर से नीरज रत्नाकर उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान आरई और डीआरई अनुपस्थित रहे, इसके लिए उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
गिनाई गईं दस बड़ी कमियां
1- मार्ग के दोनो ओर 100-100 मीटर के अंतराल में पत्थर लगाने के निर्देश के बाद भी पालन नहीं किया गया।
2- मार्ग में कई जगहों पर कलवर्ट का लेआउट देकर खोदाई की गई है, लेकिन डायवर्सन बोर्ड, रिफलेक्टिंग रोप व टेप सेफ्टी प्रिकासंस का ध्यान नहीं दिया गया है।
3- ह्यूम पाइप पुलिया के फेस वाल में कंक्रीटिंग करने की डेट नहीं लिखी गई है और न ही किए गए कंक्रीटिंग में पानी से तराई की जा रही है।
4- मार्ग में हैंड सोल्डर के लिए डाली गई मिट्टी को निर्देश देने के बाद भी नहीं हटवाया गया है।
5- मार्ग के दाएं साइड खुदाई (बेंचीग) का कार्य किया गया है, लेकिन सेफ्टी बोर्ड, पोस्ट व रिफलेक्टेड रिबन नहीं लगाया गया है।
6- ह्यूम पाइप कलवर्ट के लिए जो ड्राइंग डिजाई दी गई थी उसका पालन नहीं कर परिवर्तन किया गया है।
7- नियम व शर्तों के मुताबिक कार्य नहीं किया जा रहा है।
8- मार्ग के किनारे जो नाली का निर्माण किया जा रहा है उसमें आरसीसी वाल की ऊंचाई व मोटाई निर्धारित मापदंड के मुताबिक नहीं बनाई जा रही है।
9- पाइप कलवर्ट पुलिया के ज्वाइंट को ठीक से न तो भरा गया और न ही पुलिया के दोनों बाहरी छोर में पट्टा बनाया गया है।
10- बॉक्स कलवर्ट पुलिया में बेड लेवल तक का जो कार्य किया गया है वहां सेफ्टी के किसी भी मानक का ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जांच कर रिपोर्ट भेजी गई
सड़क की जांच कर उसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। जांच में काफी कमियां पाई गई है, जिसे सुधरवाने के लिए ठेकेदार को निर्देशत किया गया है।
-एसके सतपथी, उप परियोजना प्रबंधक, सीजीआरडीसी, जांजगीर
Published on:
30 May 2018, 6:47 PM IST
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