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धान खरीदी को नहीं मिल रही रफ्तार, 18 दिनों में मात्र इतने केंद्रों में हुई धान की बोहनी, ये है वजह…

- फसल कटाई हो रही प्रभावित

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धान खरीदी को नहीं मिल रही रफ्तार, 18 दिनों में मात्र इतने केंद्रों में हुई धान की बोहनी, ये है वजह...

धान खरीदी को नहीं मिल रही रफ्तार, 18 दिनों में मात्र इतने केंद्रों में हुई धान की बोहनी, ये है वजह...

जांजगीर-चांपा। विधानसभा चुनाव के चलते धान उत्पादन के नाम से प्रदेश में अव्वल जिले में धान खरीदी की रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। दरअसल धान कटाई के लिए जिन मजदूरों का सहारा मिलता है उन्हें स्थानीय स्तर के नेता अपने झांसे में लेकर चुनाव प्रचार कराने में झोंक रहे हैं। नतीजतन फसल कटाई अच्छी खासी प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि खरीदी शुरू हुए इन 18 दिनों में 205 केंद्रों में मात्र 20 केंद्रों में धान की बोहनी हुई है। वहीं 185 केंद्रों में वीरानी छाई हुई है। उपार्जन केंद्रों में समिति प्रभारी धान की आवक की संभावना को लेकर तैयारी करने में लगे हैंए लेकिन उन्हें वीरानियों का ही सामना करना पड़ रहा है।

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जिले में धान खरीदी की शुरुआत मंथर गति से हो चुकी है। हालांकि वर्तमान में जिन केंद्रों में धान की आवक हुई है वह अर्ली वेरायटी का धान है। लेट वेरायटी के धान की अभी कटाई हो रही है। इसकी मिजाई होगी फिरए समितियों में बिक्री के लिए किसान पहुंचेंगे, लेकिन अभी पखवाड़े भर का समय लगेगा। हालांकि समिति प्रभारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन जिले में इस समय धान की कटाई का समय चल रहा है। लोग अपने फसलों को समेटने में लगे हुए हैं। किसानों की व्यस्तता का असर चुनाव में पडऩे के कारण अधिकांश मतदाता भी प्रचार प्रसार में लगा हुआ है।

किसान दिन रात लगातार मेहनत कर अपनी साल भर कमाई को समेटने में लगा है, लेकिन उन्हें अपेक्षाकृत मजदूर नहीं मिल रहा है। जिसका असर धान खरीदी में पड़ रहा है। खेती किसानी समय में चुनाव होने से किसानों को फसल कटाई में मजदूर नहीं मिल पा रहा है।