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पामगढ़ विधानसभा सीट, लोगों ने कहा- औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से यह क्षेत्र आज भी पिछड़ा

CG Election 2023: जिले की पामगढ़ विधानसभा वर्तमान में एससी वर्ग के लिए सुरक्षित सीट है।

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Pamgarh Assembly seat 2023: No curb on sale of illegal liquor

पामगढ़ विधानसभा सीट

जांजगीर/पामगढ़ पत्रिका @आनंद नामदेव/शनि सूर्यवंशी। CG Election 2023: जिले की पामगढ़ विधानसभा वर्तमान में एससी वर्ग के लिए सुरक्षित सीट है। पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क की समस्या तो है ही, अवैध शराब की बिक्री और पलायन भी एक गंभीर मुद्दा है। इस समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया। आज भी अवैध शराब की बिक्री और पलायन पर कोई भी अंकुश नहीं लगा पा रहा। लोगों को कहना है कि चुनाव के दौरान इन समस्याओं को दूर करने वायदे तो बहुत होते हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं होता। वोटरों को जनप्रतिनिधियों से हर बार मायूसी ही हाथ लगी है। इस बार के चुनाव में फिर से वही पुराने मुद्दे पार्टियों के सामने हैं। वोटर अपने स्तर से उधेड़बुन में जुटे हैं कि किस पार्टी को वोट दिया जाय, किसे नहीं।

लोगों ने दी अपनी राय

पत्रिका की टीम ने पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में ग्राउंड पर जाकर जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के समाधान नहीं होने से रोष देखने को मिला। पत्रिका की टीम ने कमरीद, रसौटा, भुईगांव, मेकरी, मेंऊभाठा, चेंऊडीह, चंडीपारा, भिलौनी समेत दर्जनभर गांवों में लोगों से बात की। इस दौरान लोगों का कहना है कि पिछले दो दशकों में कांग्रेस, बसपा और बीजेपी के उम्मीदारों को क्षेत्र की जनता ने मौका दिया लेकिन कोई खास विकास और बदलाव नहीं हुआ। सब कुछ पहले जैसा ही है। जनता की सिर्फ यही मांग है कि अच्छे स्कूल बने, ताकि बेहतर पढ़ाई हो सके। वहीं महिलाओं ने कहा कि शराब के चलते कई घर बर्बाद हैं। अवैध शराब की बिक्री विकराल समस्या है जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। चुनाव के समय उनके पास प्रत्याशी पहुंचते हैं, लेकिन इसके बाद दोबारा नजर नहीं आते। वहीं कुछ बुजुर्गों का कहना है कि सालों पहले पलायन की बात समझ में आती थी आज भी पलायन क्षेत्र की प्रमुख समस्या है। रोजगार की बातें तो होती है पर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी रोजगार सीमित है। यही बड़ी समस्या है।

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मूलभूत सुविधाओं को लेकर लड़ा चुनाव, लेकिन नहीं उतरे खरे

पिछला चुनाव विकास के मुद्दे जिसमें पानी, बिजली, नाली, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, राशन कार्ड बनवाने, कॉलेज बनाने और योजनाओं से जोड़ने की बात को लेकर प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, लेकिन अधिकतर जगहों पर अब भी सड़क की समस्या बनी हुई है। स्थिति यह है कि मुख्य गांवों से गुजरने वाली सड़कें तक इस तरह जर्जर हो चुकी हैं कि बारिश के दौरान चलना दूभर रहता है। पानी की समस्या भी कई जगहों पर हैं। योजनाओं का फायदा ग्रामीणों को नहीं मिला है।

इस चुनाव में ये हैं लोगों की उम्मीद

लोगों का कहना है कि जनता की हमेशा यही उम्मीद रहती है कि जिन्हें वे चुनते हैं वो लगातार क्षेत्रों में दौरा करें और पूरे पांच साल तक जनता और विधायक के बीच कोई दूरी जैसी स्थिति न हो। अधूरे कार्यों को पूरा करें और नए विकास कार्यों की सौगात यहां की जनता को दिलाएं। बिजली कट की समस्या दूर हो। सड़कें ठीक हों। हर घर में साफ पानी पहुंचे। खेल का मैदान, स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र दुरुस्त हों। अच्छे सरकारी स्कूल-कॉलेजों की संख्या क्षेत्रों में बढ़े।

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लोगों ने दी अपनी राय

- पामगढ़ के विभीषण पात्रे ने कहा कि प्रदेश में पलायन सबसे ज्यादा इसी जिले से होता है। हमारा क्षेत्र से इससे अछूता नहीं है। किसी सरकार ने कोई कारगर कदम आज तक नहीं उठाएं। आने वाले सरकार से उम्मीद है कि इस क्षेत्र में औद्योगिक धंधा स्थापित करें।

- सामाजिक कार्यकर्ता आमना बेगम ने कहा कि एक मतदाता होने के नाते उनकी बड़ी राय है कि सीएचसी पामगढ़ में स्त्री रोग चिकित्सक नहीं होने से महिलाएं यहां इलाज के लिए परेशान होती हैं। महिला चिकित्सक की तत्काल कमी दूरी हो। सीएचसी के मुताबिक 5 एंबुलेंस होने चाहिए।

- व्यापारी कृष्णा रात्रे का कहना है कि बालिका शिक्षा को सरकार महत्व दें, पहली से 12वीं तक नि:शुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए।

- युवा व्यवसायी शशिप्रपात टांडे का कहना है कि औद्योगिक व व्यावसायिक दृष्टि से यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। जिले का भी पिछड़ा क्षेत्र माना जा सकता है। 20 सालों से एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। चुनकर भी इसी वर्ग से जनप्रतिनिधि आ रहे हैं लेकिन विकास नहीं कर पा रहे।

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