
निलंबित (photo- unsplash image)
CG News: सक्ती के उप जेल अधीक्षक सतीशचंद्र भार्गव पर एक युवक की पिटाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। जिसे देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा यह कदम उठाया गया है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को तीजराम नामक युवक एक परिचित से मिलने जेल गया था। जहां विभाग के कर्मचारियों ने उसे मिलने नहीं दिया। वहीं जेल नियम के विरुद्ध दूसरे बंदी के परिजन जेल के अंदर डेढ़ घंटे से मुलाकात कर रहे थे। युवक द्वारा कहा गया कि मैं गरीब हूं तो मुझे मिलने नहीं दिया जा रहा है और दूसरों से बड़ी रकम लेकर जेल अंदर बैठाकर मुलाकात करवा रहे हो। इसके बाद मुलाकात कराने वाले राइटर द्वारा तीजराम को वहां से भगा दिया गया। इसके बाद तीजराम जेल परिसर से बाहर आ गया और उप जेल अधीक्षक का इंतजार करने लगा।
जैसे ही सतीश भार्गव बाहर आए तो युवक ने घटना की जानकारी देते हुए उन्हें आपबीती सुनाई, लेकिन उपजेल अधीक्षक द्वारा भी उक्त युवक को फटकार लगा दी गई। इसके बाद युवक द्वारा उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात पर उपजेल अधीक्षक बिफर गए और उक्त युवक की जमकर पिटाई करने लगे। इसका वीडियो उपस्थित प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बना कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।
जेल अधिकारी सहित कुछ जेल कर्मियों द्वारा युवक को उठाकर जेल अंदर ले जाया गया। जो जेल नियम के विरुद्ध है। मामले की जानकारी जेल के उच्चाधिकारियों को लगते ही केंद्रीय जेल अधीक्षक बिलासपुर मंडावी को जांच के लिए उपजेल सक्ती भेजा गया। जहां जांच में प्रथम दृष्टया उपजेल अधीक्षक सतीश भार्गव को दोषी पाया गया और देर शाम उन्हें निलंबित कर लिया। वहीं जगदलपुर में पदस्थ विजय पटेल को उपजेल का प्रभारी अधीक्षक नियुक्त किया गया।
ज्ञात हो कि 2022 में भी सतीशचंद भार्गव द्वारा हत्या के आरोप में बंद बंदियों से बिना किसी सुरक्षा के लकड़ी लाने जेल से बाहर भेजा गया था। उस समय भी इनके ऊपर विभागीय कार्रवाई करते हुए इंक्रीमेंट रोकने की बात सामने आई थी। वहीं इस बार घटना को देखते हुए और वायरल वीडियो के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं मामले में जांच करते हुए मंडावी द्वारा उक्त युवक सहित ड्यूटी पर तैनात मुख्य प्रहरी का भी बयान दर्ज किया गया है।
Updated on:
17 Oct 2025 11:53 am
Published on:
17 Oct 2025 11:53 am
