
जांजगीर-चांपा. जिले भर की तकरीबन साढ़े तीन हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोमवार को अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल करते हुए संस्थान बंदकर सड़क पर उतर आईं। जिला मुख्यालय पहुंचकर वे पहले कचहरी चौक में इकट्ठा हुईं और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमारी जिंदगी को तबाह कर रख दिया है। सरकार हमसे सुबह से लेकर शाम तक काम ले रही है। इसके बाद बमुश्किल चार हजार रुपए दे रही है। सरकार जब तक हमारी छह सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की जिला अध्यक्ष ताज बेगम खान ने कहा कि हम आज से छह सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। सरकार जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल पर डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बातें करते हुए अपनी पीठ थपथपा रही है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का परिवार भूखे मरने की स्थिति में है।
ताज बेगम ने कहा कि इधर कार्यकर्ताओं का पेट खाली है और सरकार 14 योजनाओं की मॉनिटरिंग हमसे करा रही है। गर्भवती का इतिहास बताने से लेकर गांव के प्रत्येक बच्चों का रिकार्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी हमारे हाथों सौंप देती है। इधर काम नहीं करने पर हमारा पेमेंट रोक दिया जाता है। इतना ही नहीं हमें तीन माह बाद वेतन दिया जाता है। खर्च के लिए साल में मात्र तीन सौ रुपए प्रदान किया जाता है। इस सभी मांगों को लेकर वे सोमवार को कचहरी चौक में इक_ा हुई और तकरीबन एक घंटे चौक में भाषणबाजी करने के बाद नारेबाजी करते हुए अपनी रैली नेताजी चौक से होते हुए हरियाली हेरिटेज तक निकाली और फिर धरना स्थल तक पहुंची।
अन्य लोगों ने भी दिया समर्थन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल के समर्थन में एक ओर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह क्षत्री सहित कर्मचारी नेता मौजूद थे। इसके अलावा कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा एवं कांग्रेस नेता इंजी रवि पांडेय सहित अन्य लोगों ने उनके हड़ताल को समर्थन दिया।
शहर में आवागमन हुआ प्रभावित
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रैली में पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। इस दौरान एक दर्जन महिला पुलिस बल के अलावा कोतवाली थानेदार शीतल सिदार खुद मोर्चा संभाले हुए रैली के साथ भ्रमण कर रही थी। पुलिस बल को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ खूब पसीना बहाना पड़ा। उनकी रैली के दौरान सड़क में दिन भर भीड़-भाड़ का नजारा रहा। इस दौरान भारी वाहनों के अलावा छोटे वाहन चालकों को भी आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तो नहीं देंगे वोट
संघ की जिला अध्यक्ष ताज बेगम ने कहा कि उनके हड़ताल में जाने की सूचना पाकर सरकार के बड़े कुर्सी में बैठे कर्मचारियों द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाने की तैयारी की जा रही है ताकि वे हड़ताल वापस ले लें। उन्होंने साफ कहा कि सरकार यदि हमारी मांगें नहीं मानतीं हैं तब वे आने वाले चुनाव में रमन सरकार को वोट नहीं देंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यहां तक कह डाला कि यदि सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो वे नक्सली बनने मजबूर होंगे।
बंद रहा 2500 आंगनबाड़ी केंद्र
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अनिश्चितकालीन हड़ताल से आंगनबाड़ी के पट नहीं खुले। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में हाल में चयनित जूनियर कार्यकर्ताओं ने निकाले जाने के डर से आंगनबाड़ी केंद्र खोला और डरी सहमी किसी तरह केंद्र का संचालन किया। आंनबाड़ी नहीं खुलने से बच्चों को पोषण आहार नहीं बंट पा रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई सहित अन्य गतिविधि भी प्रभावित हो रहा है।
यह है प्रमुख मांगें
-शासकीय कर्मचारी का दर्जा देकर 18000 रुपए वेतन दिया जाए
- रिटायर होने के बाद गुजर बसर के लिए कार्यकर्ताओं को तीन तथा सहायिका को दो लाख रुपए दिया जाए
- कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर बनाते वक्त उम्र की सीमा हटाई जाए
-मिनी आंगनबाड़ी केंद्र को पूर्ण आंगनबाड़ी में तब्दील किया जाए
- ड्रेस कोड की बाध्यता समाप्त किया जाए
- मृत्यु उपरांत अनुग्रह राशि 50 हजार दिया जाए
Published on:
05 Mar 2018 06:37 pm
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