
हस्ताक्षेप करने व आवास आबंटन की जिम्मेदारी
जांजगीर-चांपा. कलेक्टोरेट के कर्मचारियों ने लंबे समय से जमे कलेक्टर के स्टेनो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्टेनों पर सभी शाखा के कार्यों में हस्ताक्षेप करने व आवास आबंटन की जिम्मेदारी खुद के पास रखकर 20 से 30 हजार रुपए लेकर दूसरे विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को बिना पात्रता के आवास आबंटित करने का आरोप लगाया है।
कर्मचारियों ने उनकी शिकायत निर्वाचन पदाधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग और राजस्व विभाग के सचिव से करते हुए उसे दूसरे जिले मेें स्थानांतरित करने की मांग की है।
शिकायत करते कर्मचारियों ने बताया कि जब से जांजगीर जिला कार्यालय बना है तब से कलेक्टर के स्टेनो के पद पर एसबी साहू पदस्थ है। उसके बाद से आज तक वह यहां अंगद की तरह जमा है। हालत यह है कि अब साहू के द्वारा कर्मचारियों को परेशान करने का भी काम शुरू कर दिया गया है।
उसने आवस आवंटन का प्रभार अपने पास रखा है और जिस कर्मचारी से उसे 20-30 हजार रुपए की रिश्वत मिल जाती है वह उसे आवास आवंटित कर देता है, फिर चाहे वह मकान के पाने के लिए पात्र हो या न हो। जो कर्मचारी साहू को रिश्वत नहीं देता उन्हें मकान आवंटन करने की जगह उनकी फालि को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है। इसकी शिकायत इससे पहले भी कलेक्टर से हुई थी, लेकिन कलेक्टर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। जिला कार्यालय के 95 पुीसदी कर्मचारियों की मांग है कि साहू का स्थानांतरण दूसरे जिले में किया जाना चाहिए।
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फोरम ने बीमा कंपनी पर लगाया जुर्माना
जांजगीर-चांपा. बाइक चोरी के मामले में पॉलिसी का पैसा न देना बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। इस मामले में न्याय को लेकर उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद फोरम ने बीमा कंपनी को न केवल बीमा पॉलिसी की राशि बल्कि मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय भी चुकाने का आदेश दिया है।
मामला बाराद्वार का है। यहां के वार्ड दो निवासी सुनील कुमार अग्रवाल पिता हरिराम अग्रवाल ने अपनी मोटर साइकिल का बीमा कराया था। बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने बीमा किया था। बाइक की 24 अगस्त 2017 को बाराद्वार से चोरी हो गई। वाहन मालिक ने थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। बीमा अवधि समाप्त नहीं हुई थी इसलिए उसने बीमा कंपनी को भी सूचना देते हुए राशि की मांग की। लेकिन बीमा कंपनी ने अपने तर्क देते हुए वाहन स्वामी की लापरवाही करार देते हुए इनकार कर दिया। वाहन मालिक सुनील कुमार अग्रवाल ने जिला उपभोक्ता फोरम जांजगीर में वाद प्रस्तुत किया।
फोरम के अध्यक्ष बीपी पांडेय, सदस्य मनरमण सिंह और मंजुलता राठौर ने मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी पाई। इस पर फोरम ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत आदेश पारित करते हुए बीमा कंपनी को पालिसी के मूल्यांकन के आधार पर 22 हजार 924 रुपए परिवादी को एक माह के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपए व तीन हजार रुपए वाद व्यय एक माह के भीतर प्रदान करने का आदेश पारित किया गया।
Published on:
08 Aug 2018 11:53 am
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