
पूर्व तहसीलदार के पास बिलासपुर गाड़ी भेजने के चर्चा
जांजगीर-चांपा. जांजगीर के तहसील कार्यालय से 2& अगस्त को केस की फाइल गायब होने की जानकारी पूरे तहसील कार्यालय में आग की तरह फैलने के बाद वहां हड़कंप मच गया। मामले को बिगड़ता देख प्रभारी तहसीलदार एल किरण ने फाइल को खोजने के निर्देश देते हुए मीडिया में बयान दिया कि फाइल मिल नहीं रही है और उसे खोजा जा रहा है, लेकिन इसी दौरान बिलासपुर से इनोवा में रखकर फाइल को मंगवा लिया गया। इस तरह दो घंटे के भीतर ही केस की फाइल बिलासपुर से जांजगीर तहसील कार्यालय पहुंच गई और प्रशासन मामले में पर्दा डाल दिया।
जांजगीर निवासी उपेंद्र पिता विष्णु तिवारी ने बताया कि उनकी जमीन से संबंधित प्रकरण क्रमांक 11 अ 70-2015-16 तहसील कार्यालय में जांजगीर में चल रहा था। तत्कालीन तहसीलदार शशि चौधरी ने उनके केस को खारिज करके फाइल को अपने साथ बिलासपुर ले गए थे। इसकी जानकारी होने पर वह तहसील कार्यालय गए जब फाइल देखने की बात कही तो वहां के बाबुओं ने जानकारी देने से आनाकानी की। इस पर उपेंद्र तिवारी ने शुल्क अदाकर कार्यालय लोक सेवा केंद्र जांजगीर में नकल के लिए आवेदन कर दिया। 10 अगस्त 2018 को नकल के लिए आवेदन करने के बाद भी बाबू ने फाइल को नहीं मंगवाया और न ही पक्षकार को नकल दिया।
तहसील कार्यालय में चल रहा लूट का खेल
जांजगीर तहसील कार्यालय में अधिकारी से लेकर चपरासी तक की चांदी है। पक्षकारों की माने तो यहां केस की तारीख तय होने से लेकर हर कार्य में रुपए मांगे जाते हैं। सबसे अधिक लूट नकल निकलवाने में है। इसका विरोध वकील भी नहीं कर पाते हैं क्योंकि यदि अधिकारी व बाबुओं से मिलकर नहीं चलेंगे तो उनकी ही दुकान बंद हो सकती है। ऐसे में हर तरफ से यहां आने वाले लोग ही लुट रहे हैं।
Published on:
25 Aug 2018 07:27 pm
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