
टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर.चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप साहू शामिल हुए। उन्होंने बताया कि जिले में कानों की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है, खासकर बच्चों में, जिसका कारण इसके सुरक्षा के प्रति लापरवाही है। नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानों की समस्या देखरेख में लापरवाही के कारण होता है। यह समस्या बाल्यकाल से प्रारंभ होता है, जब तालाबों में नहाने के बाद कान में घुसे पानी को तत्काल सुखाते नहीं है। उनका मानना है कि बच्चे तालाबों में नहाते समय ध्यान नहीं देते, जिसके कारण उनके कानों में पानी चला जाता है। बच्चे ध्यान नहीं देते और उसी हालत में खेलने लगते हैं, जबकि कानों में पानी चले जाने के बाद तत्काल उसे रूई की सहायता से सुखाना चाहिए।
कानों में पानी रहने से वहां नमी बनी रहती है, जो कान के पर्दों को नुकसान पहुंचाती है। पर्दों के पीछे नमी की वजह से इंफेक्शन हो जाता है, जिसके कारण कान बहने लगता है और ज्यादा ध्यान नहीं देने पर यह समस्या हमेशा के लिए बनी रह जाती है। उन्होंने बताया कि कानों के साथ नाक की नियमित सफाई आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने गले की समस्या को लेकर बताया कि यह समस्या खानपान में लापरवाही बरतने के कारण सामने आती है। उन्होंने सलाह दिया कि सभी को मौसम के अनुरूप खाना चाहिए। खासकर ज्यादा ठंडी व गरम चीजें नहीं खानी चाहिए। इससे गले को नुकसान पहुंचता है, जो टांसिल में इंफेक्शन के साथ अन्य बिमारियों को जन्म देती है। डॉ. साहू ने खर्राटों को लेकर बताया कि इसके पीछे श्वास नली में आने वाले व्यवधान कारण हैं। टांसिल का बढऩा भी एक कारण होता है, जिसका परीक्षण उपरांत ही उपचार संभव है।
गर्मियों में बरतें सतर्कता
डॉ. साहू ने गर्मियों के मौसम में सतर्कता बरतने की सलाह दी। उनका कहना रहा कि तेज धूप से बचाव जरुरी है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। गर्मी के समय तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करने तथा भूखे नहीं रहने की सलाह देते हुए बताया कि धूप में निकलते समय आंखों में चश्मा व सिर पर गमछा बांधना लेना चाहिए।
Published on:
24 Apr 2018 01:50 pm
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