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केन्द्रों में पड़े 6 अरब के धान में मंडरा रहा खतरा, कहीं-कहीं हुई बूंदाबांदी, जाने… क्यों मौसम ने ली करवट

Dhan Kharidi: जांजगीर-चांपा जिले में मौसम विभाग ने पहले ही बारिश की संभावना जताई थी। शुक्रवार को पूरे दिन बादल छाए रहे, साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई।

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धान बेचने के बाद भी किसानों के खाते में नहीं आया पैसा, कोई नहीं दे रहा सही जानकारी..

Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में मौसम विभाग ने पहले ही बारिश की संभावना जताई थी। शुक्रवार को पूरे दिन बादल छाए रहे, साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई। 21 दिसंबर को भी जिले में बारिश होने की चेतावनी दी है। ऐसे में जिले में उपार्जन केन्द्र में पड़े 6 अरब से ज्यादा के धान में खतरा मंडराने लगा है। उपार्जन केन्द्रों में किसी भी प्रकार का पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किया गया है।

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Dhan Kharidi: खरीदी में पड़ रहा मौसम का असर

Dhan Kharidi: हालांकि कलेक्टर ने बारिश की संभावना को देखते हुए सभी उपार्जन केन्द्र में सुरक्षा करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में जाम होने की स्थिति में समिति प्रभारी भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी करने में नाकाम साबित हो रहे है। ऐसे में अरबों के धान पर बारिश हुई तो बर्बाद होना लगभग तय माना जा रहा है।

जिले के 129 उपार्जन केंद्रों में खरीदी तीव्र गति से चल रही है। अभी तक 6 अरब 20 करोड़ से अधिक का धान खुले आसमान के नीचे में पड़ा हुआ हैं। ये धान बारिश से खराब हो सकते हैं। हालांकि मार्कफेड द्वारा सभी धान उपार्जन केंद्रों में धान को ढंकने के लिए कैप कव्हर की व्यवस्था की गई है। लेकिन पर्याप्त कैप कवर के अभाव में धान भीग सकता है।

बारिश हुई तो भीगना तय

पत्रिका ने शुक्रवार को जिले के कई खरीदी केन्द्र का जायजा लिया तो अधिकांश केन्द्र में सुरक्षा के व्यवस्था नजर नहीं आया। जिला मुख्यालय से लगे पेंड्री खरीदी केन्द्र में अब तक 4 हजार क्विंटल से ज्यादा धान जाम हो गया है।

यहां आधे धान के स्टेक में कैप कवर लगाया गया है। बाकी खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। इसी तरह खोखरा खरीदी केन्द्र में ड्रेनेज सिस्टम न ही स्टेग बनाया गया है। बारिश होते ही धान भीगना तय है। शुक्रवार को सुबह से ही केंद्र प्रभारी व सह प्रभारी बादलों को देखकर व्यवस्था बनाने में जुट गए थे। लेकिन धान जाम ज्यादा मात्रा में होने की स्थिति में सभी को ढ़क पाना खरीदी प्रभारियों के लिए मुश्किल काम हो रहा है।

मात्र 10 प्रतिशत धान का हुआ है उठाव

उपार्जन केन्द्रों में अब तक मात्र 10 प्रतिशत धान का ही उठाव हो सका है। जिले में इस साल मिलर्स के हड़ताल की चेतावनी से शुरूआत में उठाव नहीं हो सका। इसलिए अभी तक उठाव रफ्तार नहीं पकड़ी है। अभी तक जिले में 22 लाख 44 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसमें अभी तक मात्र 1 लाख 92 हजार 800 क्विंटल धान का ही परिवहन किया गया है। अभी भी साढ़े 20 लाख क्विंटल का धान उपार्जन केंद्रों में है।

जाने… क्यों मौसम ने ली करवट

मौसम विभाग रायपुर के निदेशक एचपी चंद्रा के अनुसार पश्चिम विक्षोभ 72 व पूर्व में 28 डिग्री उत्तर में स्थित है। एक अवदाब दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इसके उत्तर दिशा में आगे बढ़ते हुए तटीय आंध्र प्रदेश की ओर आने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-उत्तर पूर्व की मुड़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे, साथ ही बूंदाबांदी हुई। 21 दिसंबर को भी बारिश होने की संभावना है।