
समय पर जांच न हो पाने से फर्जी शिक्षकों की चांदी
बम्हनीडीह. जांजगीर-चांपा जिले में फर्जी मार्कशीट के आधार पर बने शिक्षा कर्मियों की पहले से ही कमी नहीं थी। दर्जनों के मामले जांच में हैं। लेकिन विभागीय जांच में देरी की वजह से अब ऐसे शिक्षा कर्मियों को भी संविलियन का पूरा लाभ मिल रहा है। इससे उनकी जांदी है। बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत पदस्थ एक ऐसे ही शिक्षाकर्मी से मिलने जब पत्रिका की टीम स्कूल पहुंची तो वह बच्चों को गणित पढ़ा रहे थे और जब जोड़ उन्होंने ब्लैक बोर्ड में बताया वह भी गलत है। इससे साफ है कि जब ऐसे शिक्षक देश के भविष्य को सुधारने का कार्य करेंगे तो देश का भविष्य कैसा होगा यह बताने की जरूरत नहीं है।
बम्हनीडीह विकासखंड अंतरगत स्थित प्राथमिक शाला झींका में पदस्थ शिक्षाकर्मी अनुजराम अनंत ने फर्जी मार्कशीट बनाकर नौकरी हासिल किया। आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर पत्रिका ने 2 जनवरी 2014 के अंक में इसकी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद बम्हनीडीह जनपद के सीईओ ने इस मामले में जांच भी बैठाई, लेकिन आज चार साल पूरे होने के बाद भी मामले की जांच पूरी नहीं हो पाई है।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर बरती गई इस ढील का नतीजा यह हुआ कि यह शिक्षाकर्मी अब संविलियन का लाभ लेकर मोटी तनख्वाह लेकर बच्चों को गलत शिक्षा दे रहा है। पत्रिका की टीम ने जब इस शिक्षक से बात की और उसकी मार्कशीट के बारे में बात किया तो उसने साफ कहा कि अब उसका संविलियन भी हो चुका है। जहां शिकायत करना है कर लो उसका कुछ नहीं हो सकता। इतना ही नहीं उसका दावा है कि उसकी मार्कशीट व अन्य दस्तावेज संबंधित विभाग के अधिकारियों के पास हैं, वहीं से ले लो। शिक्षक की इस दबंगई से साफ है कि कहीं न कहीं उसकी इस गलत नौकरी की राह में प्रशासनिक अधिकारियों का सह भी है।
रायपुर में पकड़ी गई थीं फर्जी अंकसूची
उल्लेखनीय है कि विगत साल रायपुर में जब्त की गई बोर्ड परीक्षा की अंकसूची डीएड, बीएड प्रमाणपत्र बड़े पैमाने पर फर्जी मिले थे। इन प्रमाण पत्रों को बिचौलिए फर्जी तरीके से बनाकर बेच रहे थे। इसी तरह की फर्जी डिग्री जमाकर बम्हनीडीह जनपद पंचायत क्षेत्र में कई शिक्षाकर्मी नौकरी कर रहे हैं।
-यह मामला शिक्षा विभाग का नहीं है। इसकी जांच जनपद सीईओ करेंगे। रही बात संविलियन की तो जब तक दोष सिद्ध नहीं हो जाता हर शिक्षाकर्मी संविलियन का लाभ लेने का हकदार है।
-जेपी भास्कर, डीईओ, जांजगीर
सीधी बात
मुकेश रावटे, जनप सीईओ, बम्हनीडीह
प्र. अनुज राम अनंत की जांच का क्या हुआ?
उ. उसकी जांच जारी है। जांच अभी पूरी नहीं हुई।
प्र. जांज में देरी से वह अब संविलियन का लाभ भे पा चुका है।
उ. जांच में दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
प्र. बोर्ड से मार्कशीट मांग कर जांच क्यों नहीं की जा रही?
उ.हमने मध्य प्रदेश बोर्ड को पत्र लिखकर उसकी मार्कशीट मांगी है, लेकिन अभी तक उनके द्वार संबंधित अनुक्रमांक की मार्कशीट नहीं भेजी है। इसके चलते जांच पूरी नहीं हो पा रही है।
प्र. ऐसे में क्या इस मामले की जांच पूरी नहीं हो पाएगी?
उ. हम मार्कशीट भेजने के लिए मध्य प्रदेश बोर्ड को फिर से रिमाइंडर पत्र लिखेंगे।
Published on:
18 Aug 2018 05:29 pm
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