
चुनाव में वारंटियों की धर पकड़ शुरू
जांजगीर-चांपा. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वारंटियों की धरपकड़ तेज हो गई है। पुलिस केवल एकसूत्रीय कार्य वारंटियों की धरपकड़ तेज कर रही है।
आचार संहिता का बिगुल बजते ही जिले में 3 हजार से अधिक वारंटियों पर पुलिस ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। बीते दो माह के भीतर यानी 1 सितंबर से 30 अक्टूबर तक पुलिस ने 729 वारंटियों को न्यायालय के सुपुर्द कर दिया है। जिसमें 433 गिरफ्तारी वारंट एवं 296 स्थायी वारंट तामील की गई है। पुलिस ने ऐसे वारंटियों को पकड़ा है जो चुनाव में कानून व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
जिले में वारंटियों की संख्या कम हो रही है। क्योंकि पुलिस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन पर डोरे डाल दी है। एक सितंबर के पहले जिले में जहां 3100 वारंटी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। आंकड़ों में कमी लाते हुए जिले के 19 थानों की पुलिस ने 729 वारंटियों को अपने सिकंजे में लेकर कोर्ट के सुपुर्द कर दिया है। क्योंकि 20 नवंबर को होने वाली विधानसभा चुनाव के चलते वारंटियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना जरूरी हो गया था।
एसपी नीतु कमल एवं एएसपी पंकज चंद्रा ने ऐसे लोगों पर नकेल कसने सभी थानों में अभियान छेडऩे का आदेश दिया था। जिले के 19 थानों में सितंबर माह तक 3100 स्थायी वारंटी थे। वहीं आमद माह में तकरीबन 200 वारंटी सूची में दर्ज की गई थी। पुलिस ने ऐसे लोगों को पकडऩे अभियान चलाया और 60 दिन के भीतर 729 वारंटियों को ढूंढ निकाला।
चुनाव के मद्देनजर पुलिस अब एक सूत्रीय कार्य वारंटियों को पकडऩे का कर रही है। पुलिस ऐसे लोगों के ठिकाने में लगातार दबिश दे रही है, वहीं गांवों में मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया गया है। इसके बावजूद वारंटी पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
10 माह में पकड़े 2284 वारंटी
पुलिस के मुताबिक जिले में एक जनवरी से 31 अगस्त तक 1555 वारंटियों को पकड़कर कोर्ट के सुपुर्द किया था। वहीं एक सितंबर से 30 अक्टूबर तक 729 वारंटियों को पकड़ा। यानी 10 माह में पुलिस ने रिकार्ड कायम करते हुए 2284 वारंटियों को पकड़कर कोर्ट के हवाले कर दिया है। इसके बाद भी तब तकरीबन 2371 वारंटी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं।
Updated on:
10 Nov 2018 05:57 pm
Published on:
10 Nov 2018 05:57 pm
