2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भ्रांति फैलाकर लूटी मेहनत की कमाई: जादुई कलश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला गैंग पकड़ा गया, ऐसे सैकड़ों लोग बने शिकार

CG Fraud News: धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करते हुए कुछ लोगों ने मड़वारानी से निकले जादुई कलश का चमत्कार बताकर सैकड़ों लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपए की ठगी कर ली।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जशपुर नगर

•

image

Khyati Parihar

•

Updated: 14 Sep 2025, 7:05 PM IST

Fraud News

वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठगी (Photo Patrika)

Fraud News: धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करते हुए कुछ लोगों ने मड़वारानी से निकले जादुई कलश का चमत्कार बताकर सैकड़ों लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। जशपुर पुलिस अब चार आरोपी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे है।

जिला पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फर्जी आर. पी ग्रुप नामक कंपनी में सदस्यता शुक्ल लेकर आरोपी लोगों को अपने झांसे में लेते थे। उन्होंने जशपुर ही नहीं वरन सरगुजा, कोरबा, रायगढ, बिलासपुर जिले के भोलेभाले ग्रामीणों को ठगी का शिकार बनाकर लगभग दो करोड़ रुपए की ठगी की।

जानें क्या है पूरा मामला

इस पूरे मामले का खुलासा ग्राम चिडौरा थाना कांसाबेल की रहने वाली 33 वर्ष की अमृता बाई ने पत्थलगांव थाना में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। वर्ष 2021 में बनी आर. पी. ग्रुप कंपनी का संचालक आरोपी तुरेन्द्र कुमार दिव्य, राजेन्द्र कुमार दिव्य है। उन्होंने अपने साथ पत्थलगांव निवासी प्रकाश चंद्र धृतलहरे व उपेन्द्र कुमार सारथी को साथ में मिलकर ठगी के मामले को अंजाम दिया।

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि सभी आरोपी कंपनी की भागीदारी देने के एवज में ग्राहकों से 25 हजार से लेकर 75 हजार रुपए की प्रोसेसिंग फीस लेते थे, जिसके माध्यम से उन्होंने सैकड़ों लोगों को चुना लगाया। आरोपियों ने कंपनी का सदस्य बनाने वाले लोगों को बतौर मुनाफा 1 से 5 करोड़ रुपए तक का प्रलोभन दिया गया था। उनके द्वारा सोने के जादुई कलश को विदेश में बेचने का प्रलोभन दिया था। इसमें एक के बाद एक कंपनी के सदस्य बनते चले गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पता साजी के लिए पुलिस टीम गठित कर, बिलासपुर, कोरबा एवं सीतापुर भेजी गई थी, जिनके द्वारा कार्यवाही करते हुए, आर. पी. ग्रुप कंपनी के मुय संचालक राजेंद्र कुमार दिव्य, तुरेंद्र उर्फ मनीष कुमार दिव्य सहित उनके सहयोगी प्रकाश चंद्र धृतलहरे व उपेन्द्र कुमार सारथी को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।।

कलश महंगे धातु का बना होने का दे रहे हवाला

पुलिस की पूछताछ पर आरोपियों ने बताया कि उसके एक अन्य साथी जिसका नाम महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर है। उनके द्वारा उन्हें बताया गया था कि उसके पास एक कलश है, जो कि काफी महंगे धातु का बना है, उसमें जादुई लक्षण हैं, जो कि चावल को भी खींच लेता है। उक्त कलश की विदेशों में कीमत अरबों रुपए में है। उक्त रकम को वह अकेला नहीं ले सकता है। कलश की बिक्री से उसे जो भी रकम मिलेगा, उसको अन्य लोगों को अनुदान के रूप में देने के लिए उसके द्वारा एक आर. पी. ग्रुप नाम की कंपनी बनाई गई है।।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

मामले की कार्यवाही व आरोपीयों की गिरतारी में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, सहायक उप निरीक्षक लखेश साहू, आरक्षक आशीषन टोप्पो, तुलसी रात्रे, कमलेश्वर वर्मा, आलोक मिंज की सराहनीय भूमिका रही है।